
सांची। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी सांची में इन दिनों राह चलना जोखिम भरा हो गया है। नगर के मुख्य चौराहे पर पिछले करीब दो वर्षों से ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की तैनाती नहीं होने के कारण सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन की इस अनदेखी का खामियाजा आम जनता को अपनी जान जोखिम में डालकर भुगतना पड़ रहा है। शनिवार शाम को हुई एक और भीषण भिड़ंत ने प्रशासन की नींद खोलने के लिए काफी है।
रफ्तार का कहर: आमने-सामने टकराईं दो बाइकें
शनिवार शाम करीब 5 बजे सांची के मुख्य चौराहे पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दो तेज रफ्तार मोटरसाइकिलों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइकों के परखच्चे उड़ गए और सड़क पर खून बिखर गया। इस हादसे में दोनों मोटरसाइकिल सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
घायल युवकों की पहचान सांची नगर निवासी के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें विदिशा जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर मौके पर ट्रैफिक पुलिस होती, तो वाहनों की रफ्तार पर अंकुश रहता और यह हादसा टाला जा सकता था।
दो साल से 'अनाथ' है नगर का मुख्य चौराहा
स्थानीय नागरिकों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि पिछले 24 महीनों से मुख्य चौराहे पर कोई भी ट्रैफिक जवान तैनात नहीं किया गया है। ट्रैफिक पुलिस की गैर-मौजूदगी का फायदा उठाकर वाहन चालक, विशेषकर युवा मोटरसाइकिल सवार, मनमाने ढंग से गाड़ियां दौड़ाते हैं।
चौराहे की बदहाली के मुख्य कारण:
* नियमों की धज्जियां: चौराहे पर न सिग्नल काम कर रहे हैं और न ही कोई टोकने वाला है।
* अंधाधुंध रफ्तार: बिना किसी डर के वाहन चालक गलत दिशा से वाहन निकालते हैं।
* आवारा पशु और अतिक्रमण: पुलिस की अनुपस्थिति के कारण चौराहे पर अव्यवस्थित पार्किंग और अतिक्रमण ने समस्या को और गंभीर बना दिया है।
पर्यटकों और स्थानीय लोगों की जान पर बन आई
सांची एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल है, जहाँ देश-विदेश से हजारों सैलानी आते हैं। ऐसे में मुख्य चौराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था का न होना शहर की छवि को भी धूमिल कर रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि “यह कोई पहली घटना नहीं है, यहाँ हर दूसरे दिन छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं।”
नगरवासियों ने जिला पुलिस अधीक्षक (SP) से पुरजोर मांग की है कि सांची के मुख्य चौराहे पर अविलंब स्थाई रूप से ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
> "सांची जैसे ऐतिहासिक शहर में ट्रैफिक व्यवस्था का यह हाल दुर्भाग्यपूर्ण है। पुलिस प्रशासन को हादसों का इंतजार करने के बजाय सुरक्षा के इंतजाम करने चाहिए।" – एक स्थानीय नागरिक