सांची/रायसेन: मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्कूली बच्चों की प्रतिभा को निखारने और उनकी तार्किक क्षमता को परखने के लिए एक बड़ा मंच सजा है। राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशानुसार, रायसेन के कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जिला स्तरीय ओलंपियाड प्रतियोगिता का शानदार आगाज हो चुका है। इस प्रतियोगिता में जिले भर के नन्हे-मुन्ने छात्र अपनी बौद्धिक क्षमता का लोहा मनवा रहे हैं।
तार्किक क्षमता और विषयगत समझ की परीक्षा
इस ओलंपियाड का मुख्य उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान को परखना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक योग्यता और तार्किक सोच को नई ऊंचाइयां देना है। प्रतियोगिता में कक्षा 2 से लेकर कक्षा 8 तक के छात्र सम्मिलित हो रहे हैं। आधुनिक तकनीक और प्रतियोगी परीक्षाओं के पैटर्न को समझते हुए, छात्र OMR शीट के माध्यम से सवालों को हल कर रहे हैं। यह अनुभव उन्हें भविष्य की बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अभी से तैयार कर रहा है।
दो दिनों में सात शिफ्टों का शेड्यूल
प्रतियोगिता की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें कुल 898 विद्यार्थी हिस्सा ले रहे हैं। आयोजन को व्यवस्थित रखने के लिए इसे दो दिनों और कई पालियों (शिफ्टों) में बांटा गया है:
* शुक्रवार: तीन शिफ्टों में सफल आयोजन हुआ, जिसमें 421 छात्र शामिल हुए।
* शनिवार: चार शिफ्टों में प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसमें 477 छात्र अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
बीआरसीसी अयोध्या प्रसाद शर्मा ने बताया कि बच्चों के उत्साह को देखते हुए प्रशासन ने सभी पुख्ता इंतजाम किए हैं।
बेहतरीन व्यवस्था और कुशल प्रबंधन
रायसेन के कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को केंद्र बनाया गया है, जहाँ संकुल प्राचार्य कमलेश नरवरे के नेतृत्व में चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की गई हैं। बच्चों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए केंद्र पर शुद्ध पेयजल और पौष्टिक भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है। प्रशासन की प्राथमिकता है कि छात्र एक तनावमुक्त वातावरण में अपनी परीक्षा दे सकें।
इनका रहा विशेष योगदान
प्रतियोगिता को सफल बनाने में जिले के शिक्षा विभाग की पूरी टीम जुटी हुई है। इसके सुव्यवस्थित संचालन में सूर्य प्रकाश सक्सेना, महेश शिल्पी, कमलेश रजक, पवन रजक, लीलाधर विश्वकर्मा, मनोज पांडे, मदन शर्मा और सुनील साहू का विशेष सहयोग रहा। इन सभी के तालमेल से यह आयोजन जिले के शिक्षा जगत में एक नई मिसाल पेश कर रहा है।