
वसीम कुरैशी सांची, रायसेन, 29 जुलाई 2025: नकली खाद के कहर से जूझ रहे किसानों के लिए एक बड़ी राहत की मांग उठी है। किसान जागृति संगठन ने रायसेन में एसडीएम मुकेश कुमार को ज्ञापन सौंपकर नकली खाद से पीड़ित हर किसान को एक लाख रुपये का मुआवजा देने की जोरदार मांग की है। संगठन ने आरोप लगाया कि नकली खाद और कालाबाजारी ने किसानों की कमर तोड़ दी है, जिससे वे भारी आर्थिक और मानसिक संकट से जूझ रहे हैं।
नकली खाद का काला धंधा चरम पर, किसानों की फसलें बर्बाद
संगठन ने एसडीएम को बताया कि ग्राम बागोद में किसानों की शिकायत पर नकली डीएपी खाद की 92 बोरियां जब्त की गईं और ट्रक को सलामतपुर थाने में जब्त कराया गया। संगठन ने इस बात पर चिंता जताई कि खाद विक्रय केंद्रों पर डीएपी की कमी के कारण नकली खाद का धंधा फल-फूल रहा है। इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है, क्योंकि नकली खाद के इस्तेमाल से उनकी फसल का उत्पादन घट रहा है, जबकि लागत दोगुनी हो गई है।
किसान जागृति संगठन ने अपनी शिकायत में कहा कि नकली खाद ने किसानों की केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) और जमा पूंजी भी खत्म कर दी है, जिससे वे पूरी तरह से कर्ज में डूब गए हैं और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।
रासुका और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग
संगठन ने सरकार से मांग की है कि नकली खाद और कीटनाशक माफियाओं के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, जिलेभर में कीटनाशक और उर्वरक विक्रेताओं की नियमित जांच करने की भी मांग की गई है, ताकि इस तरह के धोखाधड़ी वाले धंधों पर लगाम लगाई जा सके।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में इरफान जाफरी, राजेंद्र कुमार रज्जू भैया, रंजीत यादव, राजेंद्र राजपूत, बशीरुद्दीन, विजय चौकसे, नारायण सिंह राजपूत, रामस्वरूप राठौर, जमुना लोधी, मोर खान, बबलू प्रजापति, शफीक खान, भारत सिंह, सुरेश प्रसाद, आजम खान, आरिफ खान, नरेश अहिरवार (सरपंच), जैद मोहम्मद सहित कई किसान शामिल थे।