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नाबालिग से दरिंदगी और खुदकुशी: मुगलसराय पुलिस का बड़ा एक्शन, मात्र 4 घंटे में दबोचा गया आरोपी

2026-01-02  Baby jain  109 views

ImgResizer_IMG-20260102-WA0078विदिशा/मुगलसराय: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक नाबालिग लड़की ने छेड़छाड़ और शोषण से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। हालांकि, इस मामले में पुलिस ने बिजली जैसी फुर्ती दिखाते हुए मुख्य आरोपी को महज 4 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

शादी का झांसा, शारीरिक शोषण और फिर मौत

घटना की शुरुआत 29 दिसंबर 2025 को हुई, जब जिला अस्पताल विदिशा में एक नाबालिग बालिका को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। उसने जहरीला पदार्थ खा लिया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

शुरुआती जांच में मामला खुदकुशी का लग रहा था, लेकिन जब थाना मुगलसराय पुलिस ने गहराई से तफ्तीश शुरू की, तो रूह कांपने वाली सच्चाई सामने आई। पुलिस की जांच और परिजनों के बयानों से पता चला कि आरोपी ने बालिका को शादी का झांसा देकर लंबे समय तक अपने जाल में फंसाए रखा और उसका शारीरिक शोषण किया। इस मानसिक प्रताड़ना और धोखे को नाबालिग बर्दाश्त नहीं कर सकी और उसने जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

पुलिस की 'सुपरफास्ट' कार्रवाई

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग तुरंत एक्टिव मोड में आ गया। विदिशा पुलिस कप्तान रोहित काशवानी के सख्त निर्देशों के बाद एक विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों (Cyber Cell) और मुखबिरों के जाल की मदद से पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस की।

पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए दबिश दी और वारदात के महज 4 घंटे के भीतर आरोपी जसरथ कुशवाह (23 वर्ष), निवासी ग्राम आमखेड़ा सुखा (अशोकनगर) को गिरफ्तार कर लिया।

इन धाराओं में फंसा आरोपी

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट की बेहद सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:

 * BNS धारा 107: आत्महत्या के लिए उकसाना।

 * BNS धारा 64, 65: दुष्कर्म और संबंधित अपराध।

 * पॉक्सो एक्ट: 3/4, 5, और 6 (नाबालिग के साथ यौन अपराध)।

इन जांबाजों ने निभाई अहम भूमिका

इस त्वरित कार्रवाई में मुगलसराय थाना प्रभारी के.के. पवार के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक सुरेंद्र राजपूत, आरक्षक सुखजिंदर सिंह, आकाश राणा, राहुल पटेल और सायबर सेल के रूपेश मेहता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस तत्परता की इलाके में काफी सराहना हो रही है।

निष्कर्ष: यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि किस तरह सोशल मीडिया और झूठे वादों के जाल में नाबालिगों को फंसाया जा रहा है। वहीं, विदिशा पुलिस ने यह साफ कर दिया है कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


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