VIDISHA BHARTI

collapse
...
Home / Politics/राजनीति / लंबित भू-विवाद खत्म करने के लिए बड़ा ऐलान! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिए राजस्व महा-अभियान फिर से चलाने के निर्देश

लंबित भू-विवाद खत्म करने के लिए बड़ा ऐलान! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिए राजस्व महा-अभियान फिर से चलाने के निर्देश

2025-12-09  Reporter vidisha Raghvendra Dangi  437 views

ImgResizer_20251209_1948_38703भोपाल: किसानों और आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भूमि संबंधी लंबित प्रकरणों को जड़ से खत्म करने के लिए एक बार फिर राजस्व अभियान को शुरू करने का निर्देश दिया है। यह फैसला सोमवार (8 दिसंबर, 2025) को खजुराहो में आयोजित राजस्व विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया।

पारदर्शी और तेज निराकरण पर ज़ोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट कहा कि यह अभियान नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अभिलेख दुरुस्ती जैसे महत्वपूर्ण मामलों का निपटारा शीघ्रता और पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित करेगा। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि छह माह से अधिक समय से लंबित सभी मामलों का निराकरण तत्काल किया जाए, जिसके लिए पीठासीन अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर काम करना होगा।

डिजिटलीकरण होगा तेज, नागरिकों को मिलेगी सुविधा

आधुनिकता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए, मुख्यमंत्री ने राजस्व अभिलेखों के डिजिटलीकरण कार्य को युद्ध स्तर पर पूरा करने पर जोर दिया। इसका सीधा फायदा नागरिकों को मिलेगा, जो अब वेबसाइट पर अपनी भूमि का नक्शा और पूरा विवरण तुरंत प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने आगामी दो वर्षों में इस सुविधा को पूरी तरह से लागू करने का लक्ष्य रखा।

डाॅ. यादव ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि दस्तावेजों के दोहराव को रोकने के लिए वेबसाइट से प्राप्त सभी दस्तावेजों का प्रमाणीकरण अनिवार्य हो। इसके अलावा, राज्य में नई आवश्यक आबादी भूमि का चिन्हांकन करने और नक्शाविहीन गांवों के नक्शे तैयार करने के काम को भी प्राथमिकता देने का आदेश दिया गया है। भूमि अधिग्रहण के मामलों में भी ऑनलाइन एंड-टू-एंड निराकरण की प्रक्रिया बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और समयबद्ध हो सके।

राजस्व विभाग का दमदार रिपोर्ट कार्ड

बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने विभाग की पिछले दो वर्षों की शानदार उपलब्धियाँ और नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना भी प्रस्तुत की। विभाग के आंकड़े बताते हैं कि मध्य प्रदेश राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे में देश में अग्रणी बन रहा है:

 * महा-अभियान की सफलता: वर्ष 2024-25 में तीन चरणों में चलाए गए राजस्व अभियान में एक करोड़ से अधिक प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया है।

 * समर्पित राजस्व न्यायालय: मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने 24 जिलों में राजस्व न्यायालयों के लिए समर्पित अधिकारियों की नियुक्ति की, जिससे न्यायिक कार्यवाही नियमित और तेज हुई है।

 * RCMS की प्रभावशीलता: पिछले दो वर्षों में RCMS के माध्यम से 41.68 लाख मामलों में से 94% से अधिक मामलों का निपटारा समय-सीमा के भीतर किया गया है।

 * जियो-फेंस तकनीक का कमाल: फसल निगरानी में जियो-फेंस तकनीक का उपयोग करने वाला भी मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है। 3.80 करोड़ सर्वेक्षण संख्याओं में फोटो के साथ फसल विवरण दर्ज किया गया है, जिससे त्रुटिरहित निगरानी सुनिश्चित हुई है।

 * स्वामित्व योजना: क्षेत्र के 94% आबादी वाले गांवों में 39.63 लाख अधिकार अभिलेख सफलतापूर्वक वितरित किए जा चुके हैं।

 * कॉल सेंटर से निगरानी: 7 अप्रैल 2025 को स्थापित कॉल सेंटर की मदद से 6 माह से लंबित मामलों की संख्या 8963 से घटकर मात्र 150 रह गई है।

प्रशासनिक और वित्तीय सुदृढ़ीकरण

राजस्व प्रशासन को मजबूत करने के लिए 1974 करोड़ रुपये की लागत से 438 कार्यालय भवन स्वीकृत किए गए, जिनमें से 324 का निर्माण पूरा हो चुका है। मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण के तहत 5281 पटवारी और 136 नायब तहसीलदारों की नियुक्ति की गई है।

प्राकृतिक आपदाओं के प्रबंधन में भी विभाग ने तत्परता दिखाई है, पिछले दो वर्षों में प्रभावितों को राहत और आश्रय प्रदान करने के लिए 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय की गई है। इसके अलावा, राजस्व संग्रहण में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि पारदर्शिता और त्वरित सेवा ही सरकार की प्राथमिकता है, और यह राजस्व अभियान इस संकल्प को और मजबूती देगा।


Share:

26