
भोपाल/दिल्ली। पत्रकारिता जगत से जुड़े लाखों लोगों के लिए एक अत्यंत हर्ष और राहत भरी खबर सामने आई है। लगभग तीन साल से बंद पड़ी अधिस्वीकृत पत्रकारों की रेलवे कंसेशन (रियायत) सुविधा जल्द ही एक बार फिर बहाल होने जा रही है। केंद्र सरकार ने पत्रकारों को यह यात्रा सुविधा पुनः उपलब्ध कराने के लिए सैद्धांतिक (in-principle) स्वीकृति प्रदान कर दी है, जिससे श्रमजीवी पत्रकारों को बड़ी राहत मिलेगी।
यह उपलब्धि पत्रकार संगठनों के निरंतर संघर्ष, विशेषकर भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ (BSPS) के मजबूत और देशव्यापी आंदोलन का परिणाम है।
जंतर-मंतर पर हुए ऐतिहासिक प्रदर्शन का असर
भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ (बीएसपीएस) के महासचिव और मध्यप्रदेश प्रेस क्लब के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नवीन आनंद जोशी, तथा बीएसपीएस की मध्यप्रदेश इकाई—जर्नलिस्ट्स यूनियन ऑफ़ मध्यप्रदेश (जंप) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण सक्सेना ने इस सफलता की पुष्टि की है।
नेताद्वय ने बताया कि गत वर्ष दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशभर से जुटे श्रमजीवी पत्रकारों ने एक ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया था। इस प्रदर्शन में कई महत्वपूर्ण और लंबित मांगें सरकार के समक्ष रखी गई थीं, जिनमें प्रमुख थीं:
* पत्रकार सुरक्षा कानून को तुरंत लागू करना।
* पत्रकारों हेतु पूर्ण स्वास्थ्य बीमा योजना का प्रावधान।
* अधिस्वीकृत पत्रकारों को रेलवे कंसेशन पुनः शुरू करना।
* देशभर में टोल शुल्क से छूट प्रदान करना।
इन मांगों में से, पत्रकारों की सबसे बड़ी और तात्कालिक आवश्यकता—रेलवे कंसेशन की मांग को केंद्र सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया है।
पीएमओ और रेल मंत्रालय ने दिखाई संवेदनशीलता
बीएसपीएस द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में प्रस्तुत ज्ञापन पर सकारात्मक विचार किया गया। प्रधानमंत्री और रेल मंत्री दोनों ने पत्रकारों के पेशेगत दायित्वों और देश के कोने-कोने तक समाचार पहुँचाने में उनकी यात्रा की आवश्यकताओं को समझते हुए, इस सुविधा को आगामी बजट सत्र से पहले या साथ ही औपचारिक रूप से लागू करने की सहमति प्रदान कर दी है।
इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्वरूप देने में भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अशोक पांडे, संघ के संस्थापक शहनवाज़ हसन, और संगठन मंत्री गिरिधर शर्मा का योगदान निर्णायक रहा। देशभर की सक्रिय इकाइयों ने संगठित होकर सरकार को पत्रकारों की वास्तविक और जायज जरूरतों पर पुनर्विचार करने के लिए बाध्य किया। पत्रकारिता के इतिहास में यह प्रदर्शन एक मील का पत्थर साबित हुआ है।
रेलवे विभाग से जुड़े सूत्रों ने संकेत दिया है कि अधिस्वीकृत पत्रकारों को पहले की ही तरह निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए, नियमों के अंतर्गत यह रेलवे कंसेशन उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा बहाल होने से पत्रकार अब कम खर्च में आसानी से अपने रिपोर्टिंग कार्य के लिए लंबी दूरी की यात्राएं कर सकेंगे।
27 दिसंबर को भव्य ‘आभार सम्मेलन’
जंप के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण सक्सेना ने इस ऐतिहासिक सफलता पर देश के सभी पत्रकार साथियों को बधाई दी। उन्होंने घोषणा की कि इस जीत का जश्न मनाने और प्रधानमंत्री एवं रेल मंत्री का हृदय से आभार व्यक्त करने के लिए आगामी 27 दिसंबर को एक भव्य "आभार सम्मेलन" आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में देशभर के पत्रकार नेता और श्रमजीवी पत्रकार एकजुट होकर अपनी एकता और शक्ति का प्रदर्शन करेंगे।
यह सुविधा न केवल पत्रकारों की आर्थिक मदद करेगी, बल्कि उनके पेशेवर कार्य को भी गति प्रदान करेगी।