
(राकेश जैन रायसेन, 16 जनवरी)मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संगठन ने आज जिलाध्यक्षों की चौथी सूची जारी की, जिसमें रायसेन जिले से राकेश शर्मा को दोबारा जिला अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया। यह पहली बार है जब रायसेन जिले में किसी कार्यकर्ता को लगातार दूसरी बार इस प्रतिष्ठित पद पर चुना गया है।
राकेश शर्मा, जो सांचेत गांव के एक मध्यमवर्गीय किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं, ने कठिन परिश्रम और समर्पण से यह मुकाम हासिल किया। वे नौ भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं और उनके पिता स्वर्गीय प्यारेलाल शर्मा तथा माता श्रीमती हीराबाई शर्मा के संस्कारों ने उन्हें राजनीति में नैतिकता और ईमानदारी का मार्गदर्शन दिया।
संघ से राजनीति तक का सफर
42 वर्षीय राकेश शर्मा, जिन्होंने राजनीति शास्त्र में एमए किया है, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़कर बाल्यकाल से ही संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय रहे। भाजपा की विचारधारा और अनुशासन को अपनाते हुए उन्होंने पार्टी को रायसेन जिले में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके पहले कार्यकाल में पार्टी ने विधानसभा और लोकसभा चुनावों में रिकॉर्ड तोड़ सफलता हासिल की।
संघ और संगठन में अहम भूमिका
राकेश शर्मा आरएसएस में खंड संपर्क प्रमुख रह चुके हैं। इसके अलावा, वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में चार बार जिला संयोजक और रायसेन-भोपाल विभाग प्रमुख के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। नगरीय निकाय चुनावों में उन्होंने नगरपालिका अध्यक्ष का चुनाव भी लड़ा।
भाजपा में नेतृत्व का सफर
राकेश शर्मा ने भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) रायसेन के दो बार जिलाध्यक्ष और भाजपा संगठन में जिला उपाध्यक्ष के तौर पर भी अपनी छवि को मजबूत किया। स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय रायसेन के छात्र संघ अध्यक्ष के रूप में उनके नेतृत्व कौशल की शुरुआत हुई थी।
कड़ी प्रक्रिया के बाद मिला सम्मान
जिला अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के लिए भाजपा नेतृत्व ने सांसदों, विधायकों, मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं से रायशुमारी के बाद पैनल तैयार किया। इसके बाद केंद्रीय नेतृत्व ने राकेश शर्मा के नाम पर अपनी सहमति दी।
राकेश शर्मा का दोबारा जिला अध्यक्ष चुना जाना उनके कार्य और समर्पण की स्वीकृति है। वे न केवल संगठन को नई ऊर्जा देंगे बल्कि रायसेन जिले में भाजपा के आधार को और मजबूत करेंगे।