VIDISHA BHARTI

collapse
...
Home / Politics/राजनीति / इंदौर में किन्नर विवाद का 'हाई वोल्टेज ड्रामा', 24 ने पी फिनाइल! BJP की धमाकेदार एंट्री, पुलिस कमिश्नर से त्वरित जाँच की मांग

इंदौर में किन्नर विवाद का 'हाई वोल्टेज ड्रामा', 24 ने पी फिनाइल! BJP की धमाकेदार एंट्री, पुलिस कमिश्नर से त्वरित जाँच की मांग

2025-10-17  BHOPAL REPORTER VIJAY SHARMA  341 views

ImgResizer_20251017_0708_22110

इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में किन्नरों के दो गुटों के बीच चल रहे वर्षों पुराने विवाद ने अब एक भयावह और राजनीतिक मोड़ ले लिया है। शहर के नंदलालपुरा और एमआर-10 क्षेत्र के किन्नरों के बीच "गद्दी और वसूली" को लेकर चल रहे इस झगड़े ने मंगलवार की देर शाम उस वक्त सनसनी मचा दी, जब नंदलालपुरा गुट की 24 किन्नरों ने एक साथ फिनाइल पीकर सामूहिक आत्महत्या करने की कोशिश की। इस हृदय विदारक घटना के बाद, इंदौर का सियासी पारा गर्मा गया है और सीधे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिग्गज नेता विवाद के केंद्र में आ गए हैं।

24 किन्नरों का सामूहिक आत्मघाती कदम: शहर में हड़कंप

नंदलालपुरा डेरे से जुड़ी 24 किन्नरों ने बुधवार देर शाम सामूहिक रूप से फिनाइल पी लिया। आनन-फानन में सभी को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि यह कदम उन्होंने दूसरे गुट द्वारा लगातार मिल रही प्रताड़ना और धमकी से तंग आकर उठाया। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे विवाद की जड़ में लगभग 150 करोड़ रुपये की संपत्ति और क्षेत्र में वर्चस्व की लड़ाई है।

मामले की गंभीरता यहीं नहीं थमी। इस दौरान दो कथित पत्रकारों पर भी गंभीर आरोप लगे हैं, हालांकि इन आरोपों की प्रकृति और सच्चाई अभी जांच का विषय है।

किन्नर विवाद में BJP का ‘पॉलिटिकल पावर शो’

गुरुवार को, इस पूरे मामले ने एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया। इंदौर के दिग्गज भाजपा नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल सीधे पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुँच गया। इस प्रतिनिधिमंडल में भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के साथ-साथ सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला, विधायक महेंद्र हार्डिया, और विधायक गोलू शुक्ला सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे।

भाजपा नेताओं ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की और किन्नरों के दोनों गुटों के बीच चल रहे इस गंभीर विवाद पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से इस पूरे मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की, ताकि प्रताड़ित किन्नरों को न्याय मिल सके और इस सामूहिक आत्महत्या के प्रयास के पीछे के असली दोषियों को बेनकाब किया जा सके। भाजपा नेताओं की इस एंट्री ने स्पष्ट कर दिया है कि यह मामला अब केवल दो गुटों का आपसी झगड़ा नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक-कानूनी मुद्दा बन गया है जिसपर राजनीतिक दबाव बढ़ गया है।

पुलिस की जांच पर सवाल, न्याय की मांग

इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि यह विवाद लंबे समय से चल रहा था और पहले भी शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब, सामूहिक आत्महत्या के प्रयास जैसी घटना के बाद, पुलिस पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। भाजपा नेताओं की कमिश्नर से मुलाकात ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि पुलिस को अब हाई अलर्ट पर आकर इस मामले की तह तक जाना होगा।

अस्पताल में भर्ती किन्नरों के बयान और कथित पत्रकारों पर लगे आरोपों की जांच भी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण है। इंदौर का किन्नर समाज अब न्याय की आस में है। यह घटना दर्शाती है कि समाज के इस हाशिए पर रहने वाले वर्ग के आंतरिक संघर्षों में कितनी बड़ी वित्तीय और सामाजिक प्रताड़ना छिपी होती है। पुलिस और प्रशासन के लिए यह एक चुनौती है कि वे इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकें।


Share:

26