VIDISHA BHARTI

collapse
...
Home / Politics/राजनीति / हम हैं धरती के दूत: ग्यारसपुर के जंगलों में छात्रों ने सीखी पर्यावरण संरक्षण की एबीसीडी

हम हैं धरती के दूत: ग्यारसपुर के जंगलों में छात्रों ने सीखी पर्यावरण संरक्षण की एबीसीडी

2026-01-23  Editor Shubham Jain  232 views

ImgResizer_IMG-20260123-WA0090ग्यारसपुर (विदिशा): मध्य प्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड की एक अनोखी पहल 'अनुभूति कार्यक्रम' का आयोजन इस बार ग्यारसपुर वन परिक्षेत्र के मोहम्मदगढ़ बीट में किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को जंगलों, वन्यजीवों और प्रकृति के करीब लाना है। इस वर्ष की थीम "हम हैं धरती के दूत" रखी गई, जिसके माध्यम से स्कूली बच्चों को पर्यावरण प्रहरी बनने की प्रेरणा दी गई।

सरस्वती वंदना और वसंत पंचमी के साथ हुआ आगाज

कार्यक्रम की शुरुआत बेहद आध्यात्मिक और सकारात्मक माहौल में हुई। वसंत पंचमी का पावन अवसर होने के कारण देवी सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना और वंदना की गई। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हैदरगढ़ के छात्र-छात्राओं ने इस आयोजन में बड़े उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

अनुभूति किट और मास्टर ट्रेनर्स का मार्गदर्शन

वन मंडल अधिकारी हेमंत यादव और उप वन मंडलाधिकारी हिमांशु त्यागी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों के स्वागत के लिए विशेष 'अनुभूति किट' तैयार की गई थी। इसमें स्टेशनरी और कैप के साथ-साथ शुद्ध शहद, आंवला कैंडी और हर्बल पाउडर जैसे प्राकृतिक उत्पाद शामिल थे।

भोपाल से आए अनुभवी मास्टर ट्रेनर्स, सेवानिवृत्त ACF राजीव श्रीवास्तव और सेवानिवृत्त ACF अखिलेश खरे ने बच्चों को प्रकृति के गूढ़ रहस्यों से अवगत कराया। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर रोचक जानकारियां साझा कीं।

जंगल सफारी और वन भोज का आनंद

बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं दिया गया, बल्कि उन्हें वन भ्रमण पर भी ले जाया गया। घने जंगलों के बीच प्रकृति का अनुभव करना बच्चों के लिए किसी रोमांच से कम नहीं था। वन परिक्षेत्र अधिकारी मुस्कान शिवहरे ने बताया कि इस कार्यक्रम का असली मकसद बच्चों के मन में प्रकृति के प्रति प्रेम जगाना है ताकि वे भविष्य में इसके रक्षक बन सकें।

दिन भर चले इस आयोजन में बच्चों, शिक्षकों और अतिथियों के लिए शानदार वन भोज की व्यवस्था भी की गई थी, जिसका सभी ने खुले आसमान के नीचे आनंद लिया।

खेल, प्रतियोगिता और शपथ

दोपहर बाद बच्चों के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं और प्रश्नोत्तरी (क्विज़) का आयोजन किया गया। वन और पर्यावरण से संबंधित सवालों के सही जवाब देने वाले मेधावी छात्रों को पुरस्कृत किया गया, जबकि सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से 'वन सुरक्षा' की शपथ ली।

इस अवसर पर जनपद उपाध्यक्ष प्रीति शंकर दयाल शर्मा, पी.सी. त्रिपाठी और अर्जुन सिंह घोषी सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और वन विभाग का स्टाफ मौजूद रहा।


Share:

26