
आजकल साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, और अब ये बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं रहे। छोटे कस्बों और गांवों में भी शातिर ठग भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के करैरा कस्बे के अमोला क्रेशर गांव से सामने आया है, जहां एक दुकानदार को फर्जी मैसेज दिखाकर ₹2000 का चूना लगा दिया गया। हालांकि, ठग की यह चालाकी उस पर भारी पड़ गई, क्योंकि उसकी तस्वीर दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है।
जानिए कैसे हुई ये ठगी
यह घटना तब हुई जब दुकानदार प्रेम प्रकाश, जिन्हें लोग बल्ली सेठ के नाम से जानते हैं, अपनी दुकान पर बैठे थे। तभी एक अनजान युवक उनके पास आया। उसने बड़ी चतुराई से कहा कि उसकी मां की तबीयत बहुत खराब है और उसे तुरंत इलाज के लिए नकद पैसों की जरूरत है। उसने प्रेम प्रकाश से ₹2000 मांगे और वादा किया कि वह तुरंत उनके फोन पर फोनपे (PhonePe) कर देगा।
दुकानदार प्रेम प्रकाश ने उसकी बातों पर यकीन कर लिया और इंसानियत के नाते उसे नकद ₹2000 दे दिए। पैसे लेने के बाद, ठग युवक ने अपने मोबाइल में एक फर्जी मैसेज दिखाया, जिसमें ऐसा लग रहा था मानो उसने वाकई में प्रेम प्रकाश के खाते में ₹2000 ट्रांसफर कर दिए हों। मैसेज देखकर प्रेम प्रकाश को भी लगा कि पैसे आ गए हैं। इसके बाद वह युवक बड़ी चालाकी से वहां से चला गया।
जब ठगी का हुआ खुलासा
कुछ देर बाद, जब प्रेम प्रकाश ने अपना बैंक अकाउंट चेक किया, तो उनके होश उड़ गए। उनके खाते में ₹2000 नहीं आए थे। उन्होंने तुरंत उस युवक को दिए गए नंबर पर फोन लगाया, लेकिन उसका फोन स्विच ऑफ आ रहा था। तब उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं।
इस घटना के तुरंत बाद, दुकानदार ने अपनी दुकान में लगे CCTV फुटेज को देखा। फुटेज में वह शातिर ठग साफ-साफ नजर आ रहा था, जिसने उन्हें धोखा दिया। फुटेज में ठग की तस्वीर कैद होने के बाद, प्रेम प्रकाश ने अमोला थाने में पहुंचकर उस ठग के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।
यह घटना उन सभी दुकानदारों और आम लोगों के लिए एक सबक है, जो डिजिटल लेनदेन करते हैं। किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें और हमेशा पैसे मिलने के बाद ही कोई चीज या नकद दें। डिजिटल लेनदेन में हमेशा अपना खाता या वॉलेट चेक करने के बाद ही पुष्टि करें।