राकेश जैन की रिपोर्ट मथुरा में थाना कोतवाली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए फर्जी मार्कशीट और शैक्षणिक प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरोह विभिन्न राज्यों के शैक्षणिक बोर्डों के नाम पर नकली प्रमाण पत्र और मार्कशीट बनाकर लोगों को ठग रहा था।
कैसे हुआ भंडाफोड़?
कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मथुरा के गोवर्धन चौराहे पर एक संदिग्ध व्यक्ति किसी ग्राहक की तलाश में खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार व्यक्ति से पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए। उसने बताया कि वह एक संगठित गिरोह का सदस्य है, जो देश के अलग-अलग राज्यों के शिक्षा बोर्डों के नाम से नकली मार्कशीट, टीसी और अन्य शैक्षणिक प्रमाण पत्र तैयार करता है। पुलिस ने उसके बयान के आधार पर गिरोह के अन्य चार सदस्यों को भी धर दबोचा।
क्या मिला पुलिस को?
गिरफ्तार आरोपियों के पास से कई फर्जी दस्तावेज, प्रिंटर, कंप्यूटर और अन्य सामग्री बरामद की गई है। ये उपकरण फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने में इस्तेमाल किए जाते थे। पुलिस ने इन सामग्रियों को जब्त कर लिया है और गिरोह के पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का बयान
मथुरा के उप निरीक्षक शैलेश कुमार पांडे ने बताया,
> “यह गिरोह बड़ी चतुराई से लोगों को ठगने का काम कर रहा था। ये लोग नकली दस्तावेज बनाकर उन लोगों को बेचते थे, जिन्हें शिक्षा या नौकरी के लिए प्रमाण पत्रों की जरूरत होती थी। गिरोह के सदस्य कई राज्यों में सक्रिय थे और अब तक सैकड़ों फर्जी दस्तावेज बना चुके हैं।”
गिरोह कैसे काम करता था?
इस गिरोह का काम बेहद संगठित था। ये लोग पहले ग्राहकों को अपने जाल में फंसाते और फिर फर्जी दस्तावेज बनाकर उन्हें मोटी रकम में बेचते थे। मार्कशीट और प्रमाण पत्रों पर हूबहू असली बोर्ड की मुहर और हस्ताक्षर लगाए जाते थे, जिससे इन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता था।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके संपर्कों का पता लगाने में जुटी है। साथ ही, यह भी जांचा जा रहा है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल किन-किन जगहों पर हुआ है।
मथुरा पुलिस की इस कार्रवाई से नकली दस्तावेजों के जरिए ठगी करने वाले गिरोहों को बड़ा झटका लगा है।