
भोपाल। क्या आप भी शादी के लिए जीवनसाथी की तलाश कर रहे हैं? सावधान हो जाइए! मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शादी के नाम पर ठगी का एक ऐसा शातिर जाल बिछाया गया है, जिसने कई युवाओं की उम्मीदों और जेब दोनों को तगड़ा चूना लगाया है। 'शुभ मंगल जोड़ी' नाम की एक संस्था ने 'विवाह सम्मेलन' के नाम पर वसूली का ऐसा गंदा खेल खेला कि अब तक 10 से ज्यादा युवक अपनी गाढ़ी कमाई गंवा चुके हैं।
AI का तड़का और फर्जीवाड़े का जाल
ठगी का यह तरीका बेहद आधुनिक और शातिर है। बताया जा रहा है कि यह गिरोह खुद को दिल्ली की एक बड़ी संस्था बताता है। ये ठग व्हाट्सएप पर युवकों को ऐसी लड़कियों की तस्वीरें भेजते थे, जिन्हें देखकर कोई भी लट्टू हो जाए। लेकिन ट्विस्ट ये है कि ये तस्वीरें किसी असली लड़की की नहीं, बल्कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) द्वारा जनरेट की गई थीं। यानी जिस लड़की से शादी के सपने युवक देख रहे थे, उसका असल दुनिया में कोई वजूद ही नहीं था।
किस्तों में लूट: ₹2000 से शुरू होता था खेल
इस 'शुभ मंगल जोड़ी' का रेट कार्ड फिक्स था। ठगी की प्रक्रिया कुछ इस तरह चलती थी:
* रजिस्ट्रेशन: सबसे पहले युवक का विश्वास जीतने के लिए मात्र 2000 रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया जाता था।
* बातचीत का लालच: जैसे ही रजिस्ट्रेशन होता, सुंदर फोटो दिखाकर लड़की से बात कराने के नाम पर 5500 रुपये की डिमांड की जाती थी।
* सिक्योरिटी डिपॉजिट: इसके बाद शादी पक्की होने का झांसा देकर 7000 रुपये 'सिक्योरिटी डिपॉजिट' के नाम पर वसूले जाते थे।
'मांगलिक' बताकर काट देते थे पत्ता
जब युवक पूरे पैसे दे देता और शादी का दबाव बनाता, तो यह गिरोह अपना आखिरी पत्ता खेलता था। युवक को अचानक 'भयंकर मांगलिक' घोषित कर दिया जाता था। ठग बड़ी चालाकी से कहते थे कि "तुम्हारी कुंडली में दोष है, यह शादी नहीं हो सकती।" पैसे वापस मांगने पर डराया-धमकाया जाता या संपर्क काट दिया जाता था।
गरीब और सीधे-साधे लोग थे सॉफ्ट टारगेट
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर और कम पढ़े-लिखे युवाओं को निशाना बनाता था, ताकि वे कानूनी पचड़ों से डरें। इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ तब हुआ जब एक पीड़ित युवक के मालिक ने हिम्मत दिखाई और सीधे पुलिस कमिश्नर से इस गिरोह की शिकायत की।
पुलिस एक्शन की तैयारी
शिकायत मिलने के बाद पुलिस अब इस गिरोह के तार खंगालने में जुट गई है। शुरुआती जांच में इसके तार दिल्ली से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस ने अपील की है कि अगर कोई और भी इस 'शुभ मंगल' ठगी का शिकार हुआ है, तो वह सामने आए।
> चेतावनी: किसी भी मेट्रोमोनियल वेबसाइट या संस्था को पैसा देने से पहले उसकी ऑफिस लोकेशन और क्रेडेंशियल्स की अच्छी तरह जांच कर लें। AI के दौर में जो दिख रहा है, जरूरी नहीं कि वह सच हो!
>