
दमोह जिले में एक और बिजली कर्मचारी भ्रष्टाचार के दलदल में फंस गया है। सागर लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार को तेजगढ़ के हर्रई बिजली कंपनी कार्यालय में पदस्थ लाइनमैन गणेश मालवीय को ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई करौंदी पड़रिया गांव में की गई, जहां लाइनमैन एक उपभोक्ता से बिजली चोरी का मामला निपटाने के एवज में रिश्वत ले रहा था।
फर्जी केस बनाकर मांगे थे ₹10,000
मामला तब सामने आया जब बिजोरी निवासी आटा चक्की संचालक खुमान सिंह लोधी ने सागर लोकायुक्त से शिकायत की। खुमान सिंह के अनुसार, उसकी आटा चक्की का ट्रांसफार्मर जल गया था, जिसकी शिकायत उन्होंने कई बार की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। थक हारकर जब उन्होंने कलेक्टर की जनसुनवाई में शिकायत की, तो नाराज होकर लाइनमैन गणेश मालवीय और अन्य कर्मचारियों ने उनकी चक्की पर पहुँचकर एक झूठा केस बना दिया।
उन्होंने खुमान सिंह की 7.5 हॉर्सपावर की मोटर को 10 हॉर्सपावर का बताकर उन पर बिजली चोरी का आरोप लगाया और ₹70,000 का जुर्माना लगाने की धमकी दी। इसके बाद लाइनमैन ने मामला रफा-दफा करने के लिए ₹10,000 की रिश्वत मांगी। खुमान सिंह ने पहले ₹5,000 देकर सारी बातचीत रिकॉर्ड कर ली और लोकायुक्त में शिकायत दर्ज करा दी। शुक्रवार को जब वह बाकी के ₹5,000 दे रहे थे, तभी टीम ने लाइनमैन को दबोच लिया।
जेई की भूमिका पर भी संदेह, फरार
इस पूरे मामले में हर्रई बिजली कंपनी के जेई (Junior Engineer) की संलिप्तता का भी संदेह है। लोकायुक्त निरीक्षक मंजू किरण के अनुसार, घटना के बाद से जेई फरार है और टीम उसकी तलाश कर रही है। यह भी पता चला है कि आरोपी लाइनमैन गणेश मालवीय चार महीने बाद ही रिटायर होने वाला था।
यह दमोह जिले में 23 दिन के भीतर दूसरा ऐसा मामला है। इससे पहले, 17 जुलाई को सागरनाका पुलिस चौकी के सामने पदस्थ लाइनमैन कुलदीप सिंह राजपूत को भी ₹6,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।