
– अशोकनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3 मामलों में घोषित था स्थायी वारंटी
अशोकनगर। जिले की पुलिस ने एक चौंकाने वाली और बेहद दिलचस्प घटना का खुलासा करते हुए 16 साल से फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी को गिरफ्तार किया है, जो साधु का भेष धारण कर देशभर के धार्मिक स्थलों और आयोजनों में घूमता रहा। आरोपी को पुलिस ने हैदर गांव में आयोजित एक भंडारे से गिरफ्तार किया, जहां वह साधु के वेश में शामिल होने पहुंचा था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान देवेन्द्र उर्फ ढिल्लन (55 वर्ष) के रूप में हुई है, जो अशोकनगर की दुर्गा कॉलोनी का निवासी है। हैरान कर देने वाली बात यह है कि देवेंद्र पहले शहर के चुंगी नाके पर चाय का ठेला लगाया करता था। लेकिन जब उसके खिलाफ पुलिस ने मारपीट और अवैध वसूली जैसे मामलों में शिकंजा कसना शुरू किया, तो उसने खुद को बचाने के लिए एक नई पहचान बना ली — बाबा की।
साधु बनकर मंदिरों में शरण, राज्यों में घूमता रहा
देवेंद्र ने फरारी के दौरान नरसिंहपुर जिले के प्रसिद्ध वरमान घाट स्थित सिद्धेश्वर मंदिर में डेरा जमा लिया और खुद को एक साधु के रूप में स्थापित कर लिया। वह साधु संतों की जमात के साथ कई धार्मिक आयोजनों, मेलों और भंडारों में शरीक होता रहा, जिससे उसकी असली पहचान पूरी तरह छिपी रही।
सूत्रों की मानें तो देवेंद्र केवल मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं रहा। उसने गुजरात के भीमशंकर, राजस्थान और अन्य राज्यों के धार्मिक स्थलों पर वर्षों तक डेरा डाले रखा। इस दौरान वह न केवल पुलिस की निगाह से बचता रहा, बल्कि खुद को धार्मिक व्यक्तित्व के तौर पर प्रस्तुत कर, लोगों की नजरों में सम्मान भी कमाता रहा।
पुलिस के लिए चुनौती बना था ‘बाबा’
देवेंद्र के खिलाफ मारपीट और अवैध वसूली के तीन गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनके आधार पर उसे स्थायी वारंटी घोषित किया गया था। पुलिस को उसकी तलाश लंबे समय से थी, लेकिन भेष बदलने और जगह-जगह भागते रहने के कारण वह पकड़ से दूर बना रहा।
देवेंद्र बाबा की तरह साधु संतों के साथ जीवन यापन करता रहा, धार्मिक आयोजनों में सम्मिलित होता और अपनी असली पहचान को छिपाकर कानून से बचता रहा।
मुखबिर की सूचना ने खोल दी गुत्थी
हाल ही में पुलिस को एक महत्वपूर्ण मुखबिर सूचना मिली कि देवेंद्र छिकरी गांव (थाना ईसागढ़ क्षेत्र) के पास स्थित हैदर गांव में एक भंडारे में भाग लेने आने वाला है। इस सूचना पर तुरंत एक्शन लेते हुए कोतवाली थाना प्रभारी मनीष शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें सउनि अवधेश रघुवंशी, प्रआर शैलेन्द्र रघुवंशी और आरक्षक अनूप सिंह शामिल थे।
पुलिस टीम ने पूरे दिन इलाके में निगरानी रखी और जब देर शाम भंडारे में देवेंद्र बाबा के भेष में पहुंचा, तो उसे बिना किसी हंगामे के दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
पुलिस टीम को मिला इनाम
इस बड़ी सफलता के बाद अशोकनगर पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार जैन ने पुलिस टीम को 5,000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है। एसपी जैन ने कहा कि इतने वर्षों से फरार स्थायी वारंटी को पकड़ना पुलिस की बड़ी उपलब्धि है और यह इस बात का उदाहरण है कि कोई भी अपराधी कानून से ज्यादा दिन तक नहीं बच सकता।
उन्होंने इस कार्रवाई में मुख्य भूमिका निभाने वाले तीनों पुलिसकर्मियों की सराहना की और कहा कि इसी तरह की तत्परता से पुलिस आम जनता का भरोसा जीत सकती है।
देवेंद्र उर्फ ढिल्लन की गिरफ्तारी से यह साफ हो गया है कि अपराधी चाहे जितनी भी चालाकी से पहचान बदल ले, कानून की नजरें उसे ढूंढ ही निकालती हैं। अशोकनगर पुलिस की इस कार्रवाई ने यह सिद्ध कर दिया कि लंबे समय से फरार अपराधियों पर भी अब शिकंजा कसने का समय आ चुका है। पुलिस की चौकसी और सतर्कता ने एक बार फिर से न्याय व्यवस्था में विश्वास को मजबूत किया है।