
विदिशा जिले की ग्यारसपुर तहसील में नवागत एसडीएम शशि मिश्रा ने पदभार ग्रहण करते ही अपनी कार्यशैली का दम दिखाना शुरू कर दिया है। कुर्सी पर बैठने के बाद उन्होंने दफ़्तरों में कागज़ों तक सीमित रहने की बजाय, सीधे जनता के बीच पहुंचकर संवाद करने का रास्ता चुना है। उनका पहला महत्वपूर्ण क्षेत्रीय भ्रमण ग्राम पंचायत ऐरन से शुरू हुआ, जहाँ उन्होंने न केवल ग्रामीणों से मुलाकात की बल्कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।
चौपाल में उमड़ा जनसैलाब, त्वरित समाधान का मिला भरोसा
एसडीएम मिश्रा ने ऐरन गांव में चौपाल का आयोजन किया। यह चौपाल ग्रामीणों के लिए एक ऐसा मंच बन गई, जहाँ उन्होंने बेझिझक होकर अपनी व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याओं को एसडीएम के सामने रखा। स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों के अलावा, ग्रामीणों ने शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित होने जैसी कई दिक्कतें बताईं।
नई एसडीएम ने बड़े धैर्य और संवेदनशीलता के साथ एक-एक ग्रामीण की बात सुनी। उनकी सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उन्होंने समस्याओं को सिर्फ सुना नहीं, बल्कि मौके पर ही समाधान की प्रक्रिया शुरू कर दी। कई गंभीर मुद्दों पर उन्होंने तत्काल तहसीलदार श्रीमती पलक पिडिहा और अन्य संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
एसडीएम मिश्रा ने साफ शब्दों में कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक समय पर पहुँचे, यह प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को भी स्पष्ट हिदायत दी कि वे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही या हीला-हवाली बर्दाश्त नहीं करेंगी।
गौशाला का औचक निरीक्षण: गौवंश सेवा पर ज़ोर
चौपाल खत्म होने के तुरंत बाद, एसडीएम मिश्रा ने अपना रुख ग्राम रकौली की ओर किया, जहाँ उन्होंने गौशाला का औचक निरीक्षण किया। गौशाला का यह निरीक्षण दिखाता है कि उनका फोकस केवल मानव समस्याओं पर ही नहीं, बल्कि पशुधन के संरक्षण पर भी है।
निरीक्षण के दौरान, उन्होंने गौवंश की देखरेख, चारे-पानी की उपलब्धता और साफ-सफाई की व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने गौशाला संचालकों को निर्देश दिए कि गौवंश की सेवा और संरक्षण में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने गौशाला के बेहतर प्रबंधन के लिए जरूरी सुझाव भी दिए, ताकि गौवंश को स्वस्थ और सुरक्षित माहौल मिल सके।
जनता से अपील: “निडर होकर अपनी बात रखें”
जनसंवाद के दौरान, एसडीएम मिश्रा ने ग्रामीणों में एक नया आत्मविश्वास जगाया। उन्होंने ग्रामीणों से निडर होकर अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखने की अपील की। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि उनकी प्रत्येक समस्या का समाधान त्वरित, पारदर्शी और न्यायसंगत तरीके से किया जाएगा।
अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि वे केवल दफ्तरों में बैठकर काम न करें, बल्कि गांव-गांव जाकर जनहित से जुड़े कार्यों की नियमित समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि आमजन को सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले।
एसडीएम मिश्रा का यह एक्शन मोड यह संकेत देता है कि ग्यारसपुर में अब प्रशासन जनता के द्वार पर होगा और समस्याओं के त्वरित निवारण पर जोर दिया जाएगा। ग्रामीणों में नई एसडीएम के इस सक्रिय और संवेदनशील रवैये को लेकर खासा उत्साह है।