
डीडवाना-कुचामन पुलिस ने एक लंबे समय से फरार चल रहे फर्जी अधिकारी की गिरफ्तारी कर एक बड़े धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश किया है। आरोपी नरेंद्र कुमार सुंडा खुद को ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) का अफसर बताकर लोगों को धमकाता फिर रहा था और पुलिस को 16 महीने से चकमा दे रहा था।
कैसे हुआ खुलासा?
चितावा थाना क्षेत्र के पांचवा गांव में 28 अक्टूबर 2023 को कुछ युवकों ने अर्टिगा कार में सवार होकर धावा बोला। खुद को ईडी अधिकारी बताकर उन्होंने हरिशंकर सोनी के घर में जबरन घुसकर महिलाओं और पुरुषों को डराया-धमकाया, मोबाइल छीन लिए, सामान बिखेरा और मारपीट भी की।
इस सनसनीखेज वारदात के बाद 1 नवंबर को चितावा थाने में केस दर्ज किया गया। आईपीसी की कई गंभीर धाराएं – 143, 452, 342, 323, 419, 420 और 120 बी – इसमें लगाई गईं।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियाँ
इस केस में पहले दो आरोपी, शिवनाथ और सुभाष कुमार कस्वां, पहले ही पकड़े जा चुके हैं। उनसे वह गाड़ी भी बरामद हुई जिससे वे वारदात करने आए थे। लेकिन मुख्य साजिशकर्ता नरेंद्र कुमार सुंडा लगातार फरार था।
आख़िरकार पुलिस के हत्थे चढ़ा
32 वर्षीय नरेंद्र, जयपुर ग्रामीण जिले के किशनगढ़ रेनवाल थाना क्षेत्र के बड़ी डूंगरी गांव का निवासी है। उसे पकड़ने के लिए चितावा पुलिस ने एक स्पेशल टीम बनाई, जिसने तकनीकी निगरानी और जमीनी सूचना के आधार पर डूंगरी कलां से उसे धर दबोचा।
कौन-कौन थे इस कार्रवाई में शामिल?
लीलाराम – उप निरीक्षक व थाना प्रभारी
पुखराज – हैड कांस्टेबल (बीट 918)
श्रीपाल – कांस्टेबल (बीट 1486)
रमेश कुमार – कांस्टेबल (बीट 1178)
दिनेश कुमार – कांस्टेबल (बीट 1959)
राकेश सामोता – कांस्टेबल (बीट 783)
टीम की तगड़ी मेहनत और समन्वय से यह गिरफ्तारी मुमकिन हो सकी। 16 महीने से कानून की आँखों में धूल झोंकने वाला आरोपी अब सलाखों के पीछे है।