
रोहतक, 29 जुलाई 2025: लोकसभा में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर गरमागरम बहस के दौरान, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे पर भी सरकार को घेरा, जिसमें ट्रंप 26 बार कह चुके हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराया था। हुड्डा ने कहा, “या तो डोनाल्ड का मुंह बंद कराओ या भारत में मैकडॉनल्ड्स बंद कराओ!”
सेना का पराक्रम, सत्ता का क्या?
ऑपरेशन सिंदूर पर अपनी बात रखते हुए दीपेंद्र हुड्डा ने भारतीय सेना के शौर्य को नमन किया। उन्होंने कहा, "देश की फौज को नमन करने का प्रस्ताव लाइए, हम साथ हैं। नहीं तो हम लाते हैं, आप साथ दीजिए। फौज का पराक्रम चर्चा का विषय नहीं है। फौज ने अपना काम किया, सत्ता ने क्या किया?" उन्होंने भारतीय सेना को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ फौजों में से एक बताते हुए कहा कि विपक्ष ने सरकार को पूरा समर्थन दिया, लेकिन सरकार ने क्या किया?
अमेरिका से हाथ या आंख? विदेश नीति पर सवाल
कांग्रेस सांसद ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा, "हमारी सरकार के समय जब आंख दिखाने की बारी आई, तब हमने अमेरिका को आंख भी दिखाई और हाथ मिलाने की बारी आई तो हाथ भी मिलाया।" उन्होंने मुंबई हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान में आतंकवाद के "सेफ हैवन" को बर्दाश्त न करने की बात कही थी। हुड्डा ने तंज कसते हुए पूछा, “बीजेपी की विदेश नीति बदल गई है, क्या संघ की विदेश नीति भी बदल गई है? आप यही तय नहीं कर पा रहे हो कि अमेरिका से हाथ मिलाना है या आंख दिखाना है।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत एक महाशक्ति है और अमेरिका को भी यह पता चलना चाहिए कि भारत और पाकिस्तान को एक तराजू पर नहीं तौला जा सकता।
अमेरिका को चुनने होंगे भारत के साथ कैसे संबंध
दीपेंद्र हुड्डा ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका को चुनना होगा कि उसे भारत के साथ कैसे संबंध चाहिए। उन्होंने तुर्की द्वारा पाकिस्तान की मदद के बाद पीएम मोदी के साइप्रस दौरे को एक अच्छा संदेश बताया, लेकिन चीन को संदेश देने के लिए ताइवान न जाकर विदेश मंत्री के बीजिंग दौरे पर सवाल उठाए। उन्होंने अग्निवीर योजना और रक्षा बजट में कटौती का जिक्र करते हुए सरकार को घेरा। हुड्डा ने कहा कि यूपीए के समय भारतीय वायु सेना में लड़ाकू विमानों के 41 स्क्वॉड्रन मंजूर हुए थे, जबकि आज धरातल पर 31 स्क्वॉड्रन ही हैं। उन्होंने देश की फौज को आधुनिक हथियारों से लैस करने और रक्षा बजट बढ़ाने की मांग की।
सीजफायर पर सरकार को घेरा
कांग्रेस सांसद ने 9 मई की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय देश निर्णायक जवाब चाहता था, लेकिन 10 तारीख को ही सीजफायर हो गया। उन्होंने पीओके की बात करने पर सरकार पर तंज कसते हुए पूछा, "आप कह रहे कि पाकिस्तान घुटनों पर था, तो सीजफायर की क्या जरूरत थी?" उन्होंने युद्धविराम से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति के ट्वीट और विदेश मंत्री द्वारा पाकिस्तान को फोन करके आतंकी ठिकानों पर हमले की बात कहने को भी रणनीतिक चूक बताया।
11 साल की विदेश यात्राओं पर सवाल
दीपेंद्र हुड्डा ने विदेश मंत्रालय के काम पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसका काम दुनिया में भारत के मित्र राष्ट्रों की संख्या बढ़ाना होता है। उन्होंने सरकार से पूछा कि कितने देश भारत के साथ खड़े हुए और कितनों ने पाकिस्तान का साथ दिया। हुड्डा ने कहा, "एक देश का नाम बताओ, जिसने आतंकी घटना के साथ पाकिस्तान की भी निंदा की हो।" उन्होंने चीन, तुर्की, अजरबैजान जैसे देशों का जिक्र किया, जिन्होंने पाकिस्तान का साथ दिया।
उन्होंने पीएम मोदी की 11 साल की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसका सच यह है कि सांसदों के प्रतिनिधिमंडल पर आना पड़ा। हुड्डा ने कहा, “आईएमएफ ने पाकिस्तान को एक बिलियन का लोन तब दिया, जब टकराव चल रहा था। विश्व बैंक ने 40 बिलियन डॉलर का निवेश प्रस्ताव पारित किया। पाकिस्तान को काउंटर टेररिज्म का को-चेयरमैन बनाया गया।”