
विदिशा, मध्य प्रदेश: क्या आपकी गाड़ी भी गड्ढों में हिचकोले खाती है? तो ये खबर आपके लिए है! लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह के 'गड्ढा मुक्त अभियान' के तहत, विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने सड़कों की खस्ताहालत पर अधिकारियों की क्लास लगाई। मानसून से पहले सड़कों को चकाचक करने के लिए कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए हैं, वरना...!
मानसून से पहले निपटाओ काम, नहीं तो खैर नहीं!
कलेक्टर गुप्ता ने साफ कहा कि बारिश से पहले सभी गड्ढों को भर दिया जाए ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना न हो। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि आवाजाही में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मरम्मत के बाद सड़कों का दोबारा निरीक्षण हो और रिपोर्ट पेश की जाए।
प्रेजेंटेशन में हुआ चौंकाने वाला खुलासा!
बैठक में गड्ढा मुक्त सड़कों के निरीक्षण की प्रेजेंटेशन दी गई। इसमें सड़कों के भौतिक निरीक्षण और क्षति के आंकलन की रिपोर्ट भी पेश की गई। पता चला कि लोक निर्माण विभाग संभाग विदिशा में कुल 119 मार्गों का निरीक्षण किया गया, जिसमें से 35 मार्गों पर गड्ढे पाए गए! इन गड्ढों को 15 दिनों के भीतर सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने सभी अधिकारियों को सड़कों की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर करने को कहा है, साथ ही जिला पंचायत को सभी सड़कों के सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई है।
कौन-कौन रहा मौजूद?
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर कलेक्टर अनिल कुमार डामोर के साथ पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, एमपीआरडीसी, पीएमजीएसवाय, आरईएस और नगर पालिका के अधिकारी मौजूद थे। अब देखना ये है कि क्या विदिशा की सड़कें वाकई गड्ढा मुक्त हो पाएंगी या ये सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहेगा?