
धौलपुर/खेरागढ़। राजस्थान के धौलपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां पारिवारिक ‘इज्जत’ की आड़ में एक युवती को मौत के घाट उतार दिया गया। 28 वर्षीय सुनीता सिर्फ इसलिए मार दी गई क्योंकि वह अपने चचेरे भाई से प्रेम करती थी और उससे शादी करना चाहती थी। इस ‘सिर उठाते प्यार’ की कीमत सुनीता को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
घटना बसई नवाब कस्बे की है, लेकिन इसका अंजाम उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के खेरागढ़ क्षेत्र में हुआ। आरोप है कि युवती के पिता, पति और देवर ने मिलकर मिलकर उसकी बेरहमी से हत्या की और शव को खेरागढ़ थाना क्षेत्र के भोपुर गांव के पास फेंक दिया।
हत्या की कहानी: प्यार बना ‘गुनाह’
जानकारी के मुताबिक, सुनीता 29 मई को अपने मायके बसई नवाब आई थी। 30 मई की रात उसने अपने प्रेमी विष्णु को कॉल कर बताया कि उसे जान का खतरा है। विष्णु सुनीता का चचेरा भाई है और दोनों एक-दूसरे से प्रेम करते थे। सुनीता अपने पति पवन को छोड़कर विष्णु से विवाह करना चाहती थी। यही बात उसके परिवार को नागवार गुज़री। पिता कोमल सिंह को लगा कि बेटी का यह कदम समाज में ‘बदनामी’ का कारण बन सकता है।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, 30 मई की रात कोमल सिंह ने अपने दामाद पवन और उसके भाई जल सिंह (सुनीता के देवर) के साथ मिलकर एक सोची-समझी साजिश के तहत सुनीता की हत्या कर दी। तीनों ने खिड़की तोड़कर कमरे में घुसकर उसे पीट-पीटकर मौत के घाट उतारा।
शव को ठिकाने लगाने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपी शव को बाइक पर लादकर बसई नवाब से करीब 25 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के खेरागढ़ थाना क्षेत्र में ले गए। भोपुर गांव के पास सड़क किनारे फेंक कर वापस लौट आए। इस दौरान कोमल सिंह ने अपनी पत्नी को धमकाया कि अगर उसने किसी से कुछ कहा तो वह उसे भी जान से मार देगा।
पुलिस की सतर्कता से खुला मामला
31 मई की सुबह खेरागढ़ पुलिस को भोपुर गांव के पास एक महिला का शव मिला। लाश की पहचान नहीं हो पाई तो पुलिस ने फॉरेंसिक टीम बुलाकर जांच कराई और शव की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कीं। कुछ ही घंटों में युवती की पहचान धौलपुर निवासी सुनीता के रूप में हुई।
मामले की जानकारी मिलने पर धौलपुर पुलिस सक्रिय हुई और पूछताछ में सुनीता की बहन पूजा ने पूरी सच्चाई उगल दी। पूजा ने बताया कि सुनीता और विष्णु के बीच प्रेम संबंध थे और वह उससे विवाह करना चाहती थी, लेकिन घरवाले इसके खिलाफ थे। इस प्रेम विवाह की आशंका में ही उसे मार दिया गया।
आरोपियों की गिरफ्तारी और कबूलनामा
बयानों के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों — पिता कोमल सिंह, पति पवन और देवर जल सिंह — को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान कोमल सिंह ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि उसे डर था कि समाज में इज्जत चली जाएगी, इसलिए बेटी को ही खत्म करना बेहतर समझा।
शव का पोस्टमार्टम आगरा में कराया गया है और पुलिस ने सभी जरूरी फॉरेंसिक साक्ष्य जुटा लिए हैं। फिलहाल तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और मामले की गहन जांच जारी है।
एक नजर में: पूरी घटना का टाइमलाइन
29 मई: सुनीता मायके आई
30 मई रात: विष्णु को कॉल कर जान का खतरा बताया
30 मई देर रात: पिता, पति और देवर ने मिलकर हत्या की
31 मई सुबह: शव यूपी के खेरागढ़ में मिला
1 जून: पहचान और खुलासा, तीनों आरोपी गिरफ्तार
समाज के लिए सवाल छोड़ गई सुनीता
सुनीता की हत्या एक बार फिर उस समाज की सोच को कटघरे में खड़ा करती है, जहां इज्जत के नाम पर बेटियों की हत्या कर दी जाती है। एक पढ़ी-लिखी युवती जिसने अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुनना चाहा, उसे अपने ही परिजनों से मौत मिली।
यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि उन हज़ारों लड़कियों की आवाज़ है जो आज भी अपने अधिकारों के लिए घर की चारदीवारी में संघर्ष कर रही हैं।
पुलिस की अपील
पुलिस ने अपील की है कि अगर किसी को भी पारिवारिक हिंसा या जान का खतरा महसूस हो, तो तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें। देर करना जानलेवा हो सकता है, जैसे सुनीता के मामले में हुआ।