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ब्यावरा में पत्रकारों का महाकुंभ: राजेश बादल के सान्निध्य में होगा डिजिटल पत्रकारिता पर मंथन, प्रदेशभर से जुटेंगे कलम के सिपाही!

2025-07-10  Editor Shubham Jain  979 views

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ब्यावरा: पत्रकारिता जगत के लिए एक ऐतिहासिक पल! आगामी 12 जुलाई को ब्यावरा का होटल ला ओम पैलेस ज्ञान और अनुभव के संगम का गवाह बनने जा रहा है, जहाँ भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ (बीएसपीएस) की राज्य इकाई और जर्नलिस्ट्स यूनियन ऑफ मध्यप्रदेश (जंप) के संयुक्त तत्वाधान में एक भव्य पत्रकार कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा. सुबह 10 बजे से शुरू होने वाला यह आयोजन, प्रदेश भर के कलम के संवाहकों के लिए एक ऐसा मंच होगा, जहाँ वे न सिर्फ सीखेंगे बल्कि एक-दूसरे से जुड़कर अपने अनुभवों को भी साझा करेंगे. 
राजेश बादल करेंगे मार्गदर्शन: एक दिवसीय कार्यशाला का मुख्य आकर्षण 
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला का सबसे बड़ा आकर्षण होंगे, देश के प्रख्यात और अनुभवी पत्रकार राजेश बादल. राज्यसभा टीवी के संस्थापक संपादक के रूप में उनकी दूरदृष्टि और बायोपिक फिल्म निर्माता-निर्देशक के तौर पर उनकी रचनात्मकता पत्रकारिता के छात्रों और पेशेवरों, दोनों के लिए प्रेरणा का स्रोत रही है. उनके अनुभव और अंतर्दृष्टि से पत्रकारिता के बदलते परिदृश्य को समझने में निश्चित रूप से मदद मिलेगी. उनके साथ बीएसपीएस के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. नवीन आनंद जोशी भी अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज कराएंगे, जो कार्यक्रम को और भी महत्वपूर्ण बना देगा. 
डिजिटल युग में पत्रकारिता: चुनौतियाँ और अवसर 


आज के दौर में पत्रकारिता अपनी सबसे बड़ी क्रांतियों में से एक से गुजर रही है – डिजिटलीकरण. जहाँ एक ओर सूचनाओं की बाढ़ है, वहीं दूसरी ओर फेक न्यूज़ और विश्वसनीयता का संकट भी मंडरा रहा है. ऐसे में, "डिजिटल युग में पत्रकारिता की बदलती भूमिका" विषय पर होने वाला यह मंथन बेहद प्रासंगिक है. कार्यशाला के पहले सत्र में, जो सुबह 10 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक चलेगा, वक्तागण इस विषय पर गहराई से प्रकाश डालेंगे. वे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पत्रकारिता के नए आयामों, सोशल मीडिया की भूमिका, डेटा पत्रकारिता, मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग और पाठकों की बदलती अपेक्षाओं पर अपने विचार साझा करेंगे. यह सत्र पत्रकारिता के उन महत्वपूर्ण पहलुओं पर रोशनी डालेगा, जो आज के गतिशील मीडिया परिदृश्य में सफल होने के लिए आवश्यक हैं. 


पत्रकारों को सिर्फ खबरों को इकट्ठा करना और लिखना ही नहीं, बल्कि उन्हें नए तरीकों से प्रस्तुत करना भी सीखना होगा. यह कार्यशाला उन्हें इन नई तकनीकों और रणनीतियों से परिचित कराएगी, जिससे वे डिजिटल युग में खुद को सशक्त कर सकें. वे समझेंगे कि कैसे डिजिटल उपकरण और प्लेटफॉर्म उनकी रिपोर्टिंग को और अधिक प्रभावी बना सकते हैं, और कैसे वे अपनी विश्वसनीयता बनाए रखते हुए पाठकों तक पहुँच बढ़ा सकते हैं. यह सिर्फ एक संगोष्ठी नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक कार्यशाला होगी जो पत्रकारों को आज की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करेगी. 


सम्मान और सहभागिता: एक यादगार अनुभव 
बीएसपीएस के राष्ट्रीय सह-प्रवक्ता डॉ. कमल आलोक प्रसाद ने इस कार्यक्रम की भव्यता के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जंप के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अरुण सक्सेना की अध्यक्षता में यह आयोजन, क्षेत्रीय सांसद रोडमल नागर, भाजपा जिलाध्यक्ष ज्ञानसिंह गुर्जर, जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सोंधिया, पूर्व विधायक रामचंद्र दांगी और भाजपा जिला उपाध्यक्ष जसवंत गुर्जर जैसे गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति से और भी गरिमामय होगा. इन विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि पत्रकारिता के महत्त्व को समाज के हर वर्ग द्वारा सराहा जा रहा है. 


पहला सत्र ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान पर केंद्रित होगा, जिसके बाद सहभोज का आयोजन किया जाएगा. यह सहभोज न सिर्फ शारीरिक ऊर्जा प्रदान करेगा, बल्कि पत्रकारों को एक अनौपचारिक माहौल में आपस में बातचीत करने और नए संबंध बनाने का भी अवसर देगा. 


दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक चलने वाला दूसरा सत्र, विशेष रूप से आगंतुक पत्रकार साथियों के सम्मान के लिए समर्पित होगा. यह सत्र उन पत्रकारों के अथक प्रयासों और समाज के प्रति उनके योगदान को सम्मानित करेगा, जो अक्सर पर्दे के पीछे रहकर काम करते हैं. यह सम्मान समारोह उन सभी गुमनाम नायकों को एक मंच प्रदान करेगा जिन्होंने सच्चाई को सामने लाने के लिए कड़ी मेहनत की है. यह पत्रकारों के बीच एकजुटता और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करेगा.


डॉ. प्रसाद ने प्रदेशभर के सभी पत्रकार साथियों से इस ऐतिहासिक और गरिमामय कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की भावुक अपील की है. यह सिर्फ एक कार्यशाला नहीं, बल्कि पत्रकारिता के भविष्य को आकार देने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है. यह एक ऐसा अवसर है जहाँ अनुभवी पत्रकारों से सीखा जा सकता है, नए विचारों पर मंथन किया जा सकता है, और पत्रकारिता के बदलते परिदृश्य में अपनी भूमिका को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है. यह आयोजन निश्चित रूप से ब्यावरा और पूरे मध्यप्रदेश के पत्रकारिता समुदाय के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा.


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