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बड़ा बस हादसा: चलती बस के पीछे के दोनों टायर निकले, सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी के छात्र घायल

2025-05-21  Editor Shubham Jain  489 views

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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। रायसेन रोड पर छात्रों से भरी चलती बस के पीछे के दोनों टायर अचानक निकल गए, जिससे बस बुरी तरह डगमगाई और उसमें बैठे कई छात्र उछलकर गिर पड़े। यह हादसा इतना भयावह था कि लोगों की सांसें थम गईं। हादसे में सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी के कई छात्र घायल हो गए, जिनमें से 5 को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।

चलती बस में मचा हड़कंप, छात्रों की चीख-पुकार से गूंज उठा इलाका

यह खौफनाक हादसा दोपहर करीब 12:30 बजे हुआ, जब आयुर्वेदिक विभाग के 16 छात्र यूनिवर्सिटी की बस से कॉलेज जा रहे थे। जैसे ही बस रायसेन रोड पर पहुंची, उसमें जोरदार कंपन महसूस हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक एक धमाके जैसी आवाज आई और बस के पिछले दोनों पहिए अलग हो गए। इसके बाद बस असंतुलित हो गई और उसमें बैठे कई छात्र अपनी सीटों से उछलकर नीचे गिर गए।

कुछ छात्रों को गंभीर चोटें आईं हैं। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद की और घायल छात्रों को उठाकर पास के अयोध्या नगर स्थित एक मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल पहुंचाया गया।

घायल छात्र गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती, कई को सिर और रीढ़ में चोट

डॉक्टरों के अनुसार 5 छात्रों की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। कुछ को सिर में गहरी चोट लगी है तो कुछ की रीढ़ की हड्डी प्रभावित हुई है। फिलहाल सभी को इमरजेंसी वार्ड में रखा गया है और डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।

प्रशासन पर उठे सवाल, कैसे बिना जांच के सड़कों पर दौड़ रही हैं जर्जर बसें?

इस हादसे ने परिवहन व्यवस्था की पोल खोल दी है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कैसे इतनी खराब हालत की बसें छात्रों की जान जोखिम में डालते हुए सड़कों पर दौड़ाई जा रही हैं? जिस बस में यह हादसा हुआ, वह सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी की बताई जा रही है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है और बस ऑपरेटर से जवाब तलब किया गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बस पहले भी कई बार खराब हालत में देखी गई थी, लेकिन उस पर कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई डरावनी दास्तान

घटनास्थल पर मौजूद एक चश्मदीद ने बताया, “हम अचानक बस के पास जोरदार आवाज सुनकर भागे। देखा कि बस के पिछले दोनों पहिए दूर जाकर गिर चुके हैं और बस झटके खाकर रुक गई है। अंदर से छात्रों की चीखें आ रही थीं। कई छात्र सीटों से फिसलकर नीचे गिर गए थे। कुछ को तो सहारा देकर बाहर निकालना पड़ा।”

छात्रों में दहशत, पैरेंट्स में गुस्सा

घटना के बाद छात्रों में दहशत का माहौल है। कई छात्र सदमे में हैं और बोल नहीं पा रहे हैं। वहीं, घायल छात्रों के माता-पिता घटना की जानकारी मिलने के बाद तुरंत अस्पताल पहुंचे और यूनिवर्सिटी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।

एक अभिभावक ने कहा, “हम अपने बच्चों को पढ़ने भेजते हैं, न कि जान जोखिम में डालने। अगर बसों की सही मेंटेनेंस नहीं हो रही है, तो यह बड़ी लापरवाही है। यूनिवर्सिटी को जवाब देना होगा।”

प्रशासन ने दिए जांच के आदेश, होगी दोषियों पर कार्रवाई

भोपाल जिला प्रशासन ने हादसे को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। परिवहन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है और बस को जब्त कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में मेंटेनेंस में लापरवाही की बात सामने आ रही है।

प्रशासन ने वादा किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी शिक्षण संस्थानों की बसों की फिटनेस रिपोर्ट फिर से चेक की जाएगी।

कैसे हो सकता था बड़ा हादसा

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह हादसा थोड़ी और रफ्तार में होता, तो बस पलट भी सकती थी और दर्जनों छात्र गंभीर रूप से घायल या हताहत हो सकते थे। यह एक चेतावनी है कि संस्थागत परिवहन को लेकर सख्त नियमों और नियमित जांच की सख्त जरूरत है।

सोशल मीडिया पर उभरा छात्रों का गुस्सा

जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर #BhopalBusAccident और #StudentSafety ट्रेंड करने लगे। लोग यूनिवर्सिटी प्रशासन और परिवहन विभाग को आड़े हाथों ले रहे हैं।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

ट्रैफिक और रोड सेफ्टी विशेषज्ञों का कहना है कि बसों के नियमित मेंटेनेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट और समय-समय पर तकनीकी जांच अनिवार्य होनी चाहिए। “ऐसे हादसे प्रशासनिक लापरवाही और जिम्मेदारों की उदासीनता का नतीजा हैं,” एक सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ ने कहा।

भोपाल में छात्रों से भरी बस के टायर निकल जाना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। यह घटना बताती है कि हमारे परिवहन और संस्थागत व्यवस्थाओं में कितनी खामियां हैं। समय रहते जिम्मेदारी तय न की गई तो भविष्य में इससे भी बड़े हादसे हो सकते हैं।


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