
जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर स्थित मथुरादास माथुर अस्पताल (MDM) से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ चिकित्सा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा किया है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल के एमआरआई विभाग के चेंजिंग रूम में एक महिला ने हिडन कैमरा देख लिया। यह कैमरा वहां कपड़े बदलते वक्त की वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए लगाया गया था।
जैसे ही महिला की नजर इस खौफनाक हरकत पर पड़ी, अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। इस घिनौनी साजिश के पीछे अस्पताल का एक सुरक्षा गार्ड निकला, जिसे तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार कर लिया गया है।
कैसे हुआ खुलासा?
सूत्रों के अनुसार, पीड़ित महिला एमआरआई जांच से पहले कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम में गई थी। वहां उसे कुछ अजीब सा लगा। दीवार की ओर ध्यान देने पर उसने देखा कि एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बेहद संदेहास्पद स्थिति में फिट किया गया है। महिला ने तत्काल इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन को दी।
अस्पताल प्रशासन की ओर से तुरंत जांच की गई, जिसमें पुष्टि हुई कि यह एक हिडन कैमरा है। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन और पुलिस हरकत में आई। कैमरे की जांच और CCTV फुटेज के आधार पर संदेह की सुई अस्पताल के सुरक्षा गार्ड की ओर गई।
गार्ड की शर्मनाक कबूली और गिरफ्तारी
पुलिस ने आरोपी सुरक्षा गार्ड को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि वही कैमरा लगाने का दोषी है। उसका इरादा चेंजिंग रूम में महिलाओं की रिकॉर्डिंग करना था, जो बेहद शर्मनाक और आपराधिक मानसिकता को दर्शाता है।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और IPC की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही उसके मोबाइल, लैपटॉप और अन्य उपकरणों की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि उसने अब तक कितनी महिलाओं की वीडियो बनाई और क्या वह किसी साइबर गैंग से जुड़ा है।
अस्पताल प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद मथुरादास माथुर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश है। एक सरकारी अस्पताल, जो हजारों मरीजों की सेवा करता है, वहां इस प्रकार की घटनाएं न केवल चिंता जनक हैं, बल्कि पूरी व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाती हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से लेकर अस्पताल प्रशासन तक को अब जवाब देना होगा कि ऐसी लापरवाही कैसे हुई और महिला मरीजों की निजता की रक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
महिला सुरक्षा पर गहरा सवाल
यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और निजता पर हमला है। सवाल यह है कि अगर सरकारी अस्पतालों में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जीवन में उनकी सुरक्षा की क्या गारंटी है?
महिला आयोग ने इस पर संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि ऐसी घटनाओं को हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना के बाद जोधपुर जिला प्रशासन ने अस्पताल प्रशासन को तलब किया है और सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल के चेंजिंग रूम, वॉर्ड्स और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा उपकरणों की दोबारा जांच की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर दी है, जो अगले 72 घंटों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
सोशल मीडिया पर आक्रोश
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोग अस्पताल प्रशासन की निंदा करते हुए दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। #JusticeForWomen और #SafeHospitals जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।
आगे की कार्रवाई
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं यह किसी बड़े रैकेट का हिस्सा तो नहीं। महिला की सतर्कता से यह मामला समय रहते उजागर हो गया, वरना न जाने कितनी और महिलाओं की निजता भंग हो चुकी है
जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में सामने आया हिडन कैमरा कांड एक चेतावनी है कि महिला सुरक्षा केवल कानून बनाने से नहीं, उन्हें लागू करने और सतर्क रहने से ही सुनिश्चित की जा सकती है। यह घटना समाज और प्रशासन दोनों के लिए आत्ममंथन का विषय है।