
बुरहानपुर। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर शहर में संपत्ति के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां खानका वार्ड क्षेत्र में रहने वाले दो सगे भाइयों ने बैंक में गिरवी रखी संपत्ति का फर्जी सौदा कर दो बहनों से 39 लाख रुपये की ठगी कर ली। यही नहीं, आरोपियों ने इसी संपत्ति को एक अन्य व्यक्ति को बेचने के नाम पर 61 लाख रुपये भी वसूल लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
धोखाधड़ी का शिकार बनीं दो बहनें, एक शिक्षिका, दूसरी घरेलू व्यवसायी
मामले की शिकायत दो सगी बहनों ने की है। इनमें से एक 63 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं, जबकि दूसरी 61 वर्षीय महिला मेहंदी लगाने का काम करती हैं। दोनों बहनें बुरहानपुर की निवासी हैं और लंबे समय से अपना जीवन ईमानदारी से बिता रही थीं। लेकिन आरोपी भाइयों की साजिश का शिकार होकर अब न्याय के लिए पुलिस के चक्कर काट रही हैं।
2.88 करोड़ में सौदा, 39 लाख की ठगी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैरी मैदान निवासी करीम और अशफाक नामक दो भाइयों ने 15 अप्रैल को पीड़ित बहनों से संपर्क किया और उन्हें अपने भवन और दुकान का सौदा करने की बात कही। आरोपियों ने दावा किया कि उनकी संपत्ति पूरी तरह कर्ज मुक्त है और बैंक लोन की प्रक्रिया में भी मदद करेंगे। सौदे की कुल राशि 2.88 करोड़ रुपये बताई गई।
आरोपियों ने पीड़ितों से अग्रिम राशि की मांग की, जिसके चलते बहनों ने अशफाक के नाम पर 13-13 लाख के तीन चेक और 26 लाख का एक चेक सौंप दिया। 22 अप्रैल को तीन चेक क्लियर हो गए और आरोपियों ने 39 लाख रुपये निकाल लिए।
सच सामने आया तो होश उड़ गए
जब बहनों ने दस्तावेजों की पड़ताल शुरू की, तो खुलासा हुआ कि जिस संपत्ति का सौदा किया गया था, वह पहले से ही बैंक में गिरवी रखी हुई है। मूल दस्तावेज बैंक के पास बंधक हैं। यहीं नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने इसी संपत्ति को पहले ही एक अन्य व्यक्ति को बेचने का झांसा देकर उससे 61 लाख रुपये की राशि ले ली थी।
समय रहते रोका गया बड़ा नुकसान
पीड़ित बहनों ने जैसे ही यह जानकारी हासिल की, उन्होंने चौथे चेक (26 लाख रुपये) का भुगतान रोक दिया और तुरंत कोतवाली थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4) और 316(2) बीएनएस के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है।
पुलिस जांच जारी, आरोपियों की तलाश में दबिश
थाना प्रभारी सीताराम सोलंकी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह एक सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है, जिसमें कई और लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है।
सावधानी जरूरी: दस्तावेजों की जांच के बाद ही करें सौदा
यह मामला लोगों के लिए एक बड़ा सबक है कि संपत्ति का कोई भी सौदा करने से पहले दस्तावेजों की कानूनी जांच अवश्य कराएं। बैंक में बंधक रखी संपत्तियों को बिना पुष्टि के खरीदना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।
बुरहानपुर की यह घटना दिखाती है कि कैसे भरोसे के नाम पर ठगी की जा सकती है। सौदा करते समय सतर्कता और दस्तावेजों की वैधता की जांच अनिवार्य हो गई है। फिलहाल पुलिस कार्रवाई जारी है और पीड़ितों को न्याय दिलाने के प्रयास हो रहे हैं।