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भोपाल में देर रात शराबियों का उत्पात: रानी कमलापति स्टेशन से बंसल वन तक फैला हंगामा

2025-04-27  Editor Shubham Jain  638 views

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भोपाल — राजधानी भोपाल में देर रात नशे में धुत युवकों ने रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर जमकर उत्पात मचाया। पुलिस के मुताबिक, शराब के नशे में चूर इन युवकों ने न केवल स्टेशन परिसर में हंगामा किया, बल्कि उन्हें शांत कराने पहुंचे पुलिसकर्मियों के साथ भी मारपीट कर डाली।

यह घटना शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात की बताई जा रही है, जब स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही कम हो जाती है। नशे में धुत युवकों का आक्रामक व्यवहार यात्रियों के लिए खतरा बनता नजर आया। स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कई यात्री अपनी सुरक्षा के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।

पुलिस को जैसे ही सूचना मिली, मौके पर तत्काल बल भेजा गया। हालांकि जब पुलिसकर्मियों ने युवकों को काबू में करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उनसे धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू कर दी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा।

एक आरोपी गिरफ्तार, दो फरार

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार युवक से पूछताछ की जा रही है, जबकि उसके दो अन्य साथी फरार हो गए हैं। पुलिस टीमों द्वारा आसपास के इलाकों में उनकी तलाश की जा रही है। आरोपियों पर शासकीय कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने और स्टेशन परिसर में उपद्रव मचाने के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

बंसल वन बना शराबियों का अड्डा

रानी कमलापति स्टेशन पर हुए इस हंगामे की जड़ें बंसल वन क्षेत्र से जुड़ी हुई मानी जा रही हैं। शहर का यह इलाका देर रात शराबियों का अड्डा बनता जा रहा है। आसपास स्थित क्लबों और कैफे में देर रात तक चलने वाली पार्टीज के बाद, नशे में चूर युवक अक्सर सड़क पर हंगामा करते देखे जा सकते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बंसल वन के आसपास देर रात तक शराब के नशे में धुत युवकों का जमावड़ा लगा रहता है। कई बार ये युवक आपस में भिड़ जाते हैं, जिससे सड़क पर लड़ाई-झगड़े की घटनाएं आम हो गई हैं।

क्लबों के बाहर हंगामे का सिलसिला जारी

बंसल वन क्षेत्र में मौजूद क्लबों — द हेडक्वार्टर क्लब, फर्जी कैफे, और Ivory क्लब — में देर रात तक शराब परोसने और पार्टीज के आयोजन की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। क्लब के बाहर खड़े नशे में चूर युवकों के समूह अक्सर राहगीरों और आसपास के निवासियों के लिए परेशानी का सबब बन जाते हैं।

रात करीब दो बजे के आसपास इन क्लबों से नशे में धुत युवक निकलते हैं और फिर सड़क पर जमकर विवाद करते हैं। कई बार इन झगड़ों में तोड़फोड़ और मारपीट जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। स्थानीय निवासियों ने इस संबंध में पुलिस प्रशासन से कई बार शिकायत भी की है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है।

रात के क्लब, दिन में खतरा

बंसल वन में स्थित क्लबों की गतिविधियों का सीधा असर आसपास के वातावरण पर भी पड़ रहा है। देर रात तक तेज आवाज में बजने वाला म्यूजिक, सड़कों पर नशे में डगमगाते लोग, और आए दिन होने वाले झगड़े न केवल क्षेत्र के शांतिप्रिय निवासियों के लिए मुसीबत बने हुए हैं, बल्कि आम राहगीरों के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं।

रात के समय क्लब से बाहर निकलने वाले कई युवक तेज रफ्तार में गाड़ियाँ चलाते हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने कई बार प्रशासन से मांग की है कि क्लबों के संचालन पर रात के समय सख्ती बरती जाए और शराब परोसने की अनुमति समयसीमा के भीतर ही सीमित की जाए।

प्रशासन की ढिलाई या शराब माफियाओं का दबाव?

सवाल यह भी उठ रहा है कि प्रशासन द्वारा इन क्लबों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। क्या शराब माफिया और क्लब संचालकों का कोई दबाव प्रशासन पर है, या फिर अवैध गतिविधियों पर आँख मूंद लेना अब आम चलन बन चुका है?

पुलिस सूत्रों की मानें तो कई क्लब देर रात तक खुले रहते हैं और नियमों का खुला उल्लंघन करते हैं। हालांकि पुलिस का यह भी कहना है कि जब भी शिकायत मिलती है, तुरंत कार्रवाई की जाती है। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल औपचारिक कार्रवाई से स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है।

क्या बोले पुलिस अधिकारी

रानी कमलापति स्टेशन पर हुए हंगामे के मामले में थाना प्रभारी ने बताया कि, “गिरफ्तार युवक से पूछताछ जारी है। फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बंसल वन क्षेत्र में भी नियमित गश्त बढ़ाई जा रही है ताकि ऐसे मामलों पर लगाम लगाई जा सके।”

पुलिस ने क्लब संचालकों को भी चेतावनी दी है कि अगर किसी भी क्लब से अवैध गतिविधियों की शिकायत मिली तो लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय जनता की मांग: सख्त नियम और त्वरित कार्रवाई

घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि क्लबों के संचालन पर सख्त नियम लागू किए जाएं। नाइट क्लबों में शराब परोसने के समय को सीमित किया जाए और देर रात गश्त बढ़ाई जाए। इसके साथ ही शराबियों द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर हंगामा करने पर कठोर कार्रवाई की जाए।

रानी कमलापति स्टेशन और बंसल वन क्षेत्र में लगातार बढ़ती इन घटनाओं ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है — क्या भोपाल की रातें अब सुरक्षित रह पाईं हैं?


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