
भोपाल, मध्य प्रदेश: भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी मुहिम के तहत भोपाल लोकायुक्त पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। TT नगर तहसील क्षेत्र में ICICI बैंक के एक रिकवरी एजेंट को ₹8000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई से बैंक वसूली से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश गया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, TT नगर निवासी एक व्यक्ति ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी कि ICICI बैंक का रिकवरी एजेंट साजिद अहमद (Sajid Ahmed) उससे ₹8000 की रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायतकर्ता का आरोप था कि साजिद अहमद उनके बैंक लोन संबंधी मामले को निपटाने और कथित तौर पर बकाया राशि पर रियायत दिलाने के एवज में यह राशि मांग रहा था।
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए लोकायुक्त टीम ने तत्काल सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगे जाने की बात सही पाई गई, जिसके बाद लोकायुक्त डीएसपी और उनकी टीम ने एक जाल बिछाने की योजना बनाई।
रंगे हाथों दबोचा गया रिकवरी एजेंट
योजना के तहत, मंगलवार को लोकायुक्त टीम ने TT नगर तहसील कार्यालय के पास उस समय साजिद अहमद को दबोच लिया, जब वह शिकायतकर्ता से ₹8000 की रिश्वत ले रहा था। लोकायुक्त टीम ने रिश्वत की राशि बरामद कर ली और आरोपी एजेंट को तत्काल हिरासत में ले लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी रिकवरी एजेंट साजिद अहमद के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि साजिद अहमद बैंक के लिए आउटसोर्सिंग के जरिए रिकवरी का काम करता था। इस गिरफ्तारी के बाद अब उससे और पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि क्या इस रैकेट में कोई और भी शामिल है।
लोकायुक्त की मुहिम जारी
इस कार्रवाई से एक बार फिर स्पष्ट हो गया है कि मध्य प्रदेश लोकायुक्त पुलिस भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। बैंक और वित्तीय संस्थानों से जुड़े रिकवरी एजेंटों द्वारा अक्सर ग्राहकों को परेशान करने और अनुचित मांगें करने की शिकायतें आती रहती हैं। यह गिरफ्तारी ऐसे तत्वों के लिए एक सख्त चेतावनी है कि भ्रष्ट आचरण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोकायुक्त टीम ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी सरकारी या निजी सेवा प्रदाता द्वारा रिश्वत मांगे जाने पर तत्काल लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत करें।