
भोपाल, 20 मई 2025 — पेंशन अपडेट के नाम पर भोपाल के एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी से 45 हजार रुपये की ठगी! जी हां, ये चौंकाने वाला मामला राजधानी भोपाल के मिनाल रेसीडेंसी क्षेत्र से सामने आया है, जहां रिटायर्ड DCP एल. विश्ववेरेया साइबर ठगों के जाल में फंस गए।
जिस अफसर ने पूरे करियर में अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया, उसी को रिटायरमेंट के बाद साइबर ठगों ने अपना शिकार बना लिया। हैरान कर देने वाला ये मामला अब शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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कैसे हुआ ये साइबर फ्रॉड?
घटना की शुरुआत एक फर्जी मोबाइल मैसेज से हुई। रिटायर्ड डीसीपी को एक अनजान नंबर से SMS मिला, जिसमें लिखा था:
> “पेंशन अपडेट करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।”
पूर्व डीसीपी ने जैसे ही लिंक पर क्लिक किया, एक नकली वेबसाइट खुल गई और कुछ ही मिनटों के भीतर उनके बैंक अकाउंट से ₹45,000 गायब हो गए।
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फुर्ती से दर्ज करवाई शिकायत, बची रकम पर रोक
घटना के तुरंत बाद एल. विश्ववेरेया ने समझदारी दिखाई और भोपाल साइबर सेल में तुरंत शिकायत दर्ज करवाई। टीम ने समय गंवाए बिना कार्यवाही शुरू की और ट्रांजैक्शन पर रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू की।
सायबर सेल के अधिकारियों के अनुसार:
> “हमने बैंक को अलर्ट भेजा है और ट्रांजैक्शन को ट्रेस किया जा रहा है। जिस भी गैंग का हाथ इसमें है, बहुत जल्द उन्हें पकड़ लिया जाएगा।”
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सायबर एक्सपर्ट्स की सलाह: ऐसे मैसेज से रहें सावधान
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि साइबर ठग अब किसी को नहीं छोड़ते, चाहे वह आम नागरिक हो या पूर्व उच्च अधिकारी। सायबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स बार-बार चेतावनी देते रहे हैं कि:
अनजान नंबर से आए लिंक या OTP पर कभी क्लिक न करें।
बैंक, पेंशन विभाग या सरकारी एजेंसियां ऐसे लिंक नहीं भेजतीं।
कोई भी जानकारी साझा करने से पहले संबंधित विभाग से सीधे संपर्क करें।
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DCP साहब भी फंसे, तो आम जनता कैसे बचे?
सबसे बड़ा सवाल यही है — जब बरसों तक अपराध रोकने वाले अधिकारी तक इस जाल में फंस सकते हैं, तो आम जनता कितनी असुरक्षित है? इस तरह के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, और हर दिन कोई न कोई नया तरीका अपनाकर ठग लोगों को लूट रहे हैं।
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भोपाल में साइबर क्राइम के बढ़ते आंकड़े
भोपाल में पिछले 6 महीनों में दर्ज हुए साइबर अपराधों में लगभग 23% वृद्धि दर्ज की गई है। इनमें से अधिकतर मामले ऑनलाइन लिंक, UPI फेक कॉल्स और OTP फ्रॉड से जुड़े हुए हैं। भोपाल सायबर सेल ने जनता से अपील की है कि किसी भी डिजिटल लेन-देन से पहले पूर्ण सतर्कता बरतें।
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क्या लौटेगा पैसा? पुलिस की जांच जारी
फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और बैंक को निर्देश दिए गए हैं कि ठगी की गई रकम को ट्रेस कर ग्राहक को लौटाने की प्रक्रिया शुरू की जाए। साइबर सेल द्वारा सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर जागरूकता अभियान शुरू किया गया है।
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सावधानी ही बचाव है: साइबर फ्रॉड से बचने के टिप्स
1. लिंक पर क्लिक करने से पहले URL चेक करें।
2. फोन या मैसेज से आए किसी भी अनुरोध पर बैंक डिटेल्स शेयर न करें।
3. साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तत्काल कॉल करें।
4. बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप का ही इस्तेमाल करें।
5. अनजान एप्लिकेशन या वेबसाइट को डाउनलोड न करें।
: डिजिटल युग में धोखा भी डिजिटल
रिटायर्ड DCP एल. विश्ववेरेया के साथ हुई यह ठगी एक चेतावनी है — कि आज डिजिटल सतर्कता, फिजिकल सुरक्षा से भी ज्यादा जरूरी है। भोपाल जैसे शहर में, जहां साइबर क्राइम का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है, वहां आम लोगों को टेक्नोलॉजी के साथ-साथ साइबर सेफ्टी का भी ज्ञान जरूरी है।