
भोपाल, मध्य प्रदेश: भोपाल में अवैध शराब के खिलाफ प्रशासन ने अब कमर कस ली है! कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के सख्त निर्देश और सहायक आबकारी आयुक्त वीरेन्द्र धाकड़ के कुशल मार्गदर्शन में, आबकारी विभाग की टीम ने 24 जून को तड़के बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. शहर के शांति नगर, पड़रिया और हरिपुरा इलाकों में चलाए गए ताबड़तोड़ अभियान में न सिर्फ 40 लीटर हाथ भट्टी शराब जब्त की गई, बल्कि शराब बनाने की सबसे बड़ी सामग्री, 500 किलो महुआ लाहन भी बरामद किया गया. इस बड़ी कार्रवाई ने अवैध शराब कारोबारियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है.
सुबह-सुबह धड़पकड़: शांति नगर, पड़रिया और हरिपुरा में आबकारी का हल्ला-बोल!
सोमवार, 24 जून की सुबह भोपाल के कई इलाकों में आबकारी टीम ने अचानक दबिश दी, जिससे अवैध शराब माफिया में हड़कंप मच गया. नियंत्रण कक्ष प्रभारी आर.जी. भदौरिया के नेतृत्व में आबकारी टीम ने सबसे पहले शांति नगर में लखन बंजारा के घर पर छापा मारा. यहां टीम को करीब 15 लीटर अवैध हाथ भट्टी शराब मिली, जिसे तुरंत जब्त कर लिया गया.
इसके बाद टीम पड़रिया क्षेत्र में कमला बाई के घर पहुंची. यहां का नजारा चौंकाने वाला था. टीम ने मौके से 25 लीटर हाथ भट्टी शराब बरामद की, लेकिन सबसे बड़ी बरामदगी थी 500 किलो महुआ लाहन और शराब निर्माण से जुड़ी अन्य सामग्री. महुआ लाहन का इतनी बड़ी मात्रा में मिलना यह साफ दर्शाता है कि यहां बड़े पैमाने पर अवैध शराब का उत्पादन किया जा रहा था.
हालांकि, इस बड़ी कार्रवाई के दौरान, सभी आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहे. आबकारी विभाग ने तुरंत उनकी तलाश शुरू कर दी है और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे धकेलने का दावा किया है.
लाखों का झटका: ₹1.25 लाख की अवैध सामग्री जब्त, माफिया को बड़ा नुकसान!
आबकारी विभाग द्वारा जब्त की गई इस अवैध शराब और महुआ लाहन की बाजार कीमत लगभग ₹1.25 लाख आंकी गई है. यह आंकड़ा बताता है कि अवैध शराब का कारोबार कितनी तेजी से और बड़े पैमाने पर फल-फूल रहा है. इस कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों को न केवल आर्थिक रूप से बड़ा नुकसान हुआ है, बल्कि उनके नेटवर्क को भी बड़ा झटका लगा है.
यह कार्रवाई मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) और 34(1)(च) के तहत दर्ज की गई है, जो अवैध शराब के उत्पादन, भंडारण और बिक्री के खिलाफ सख्त प्रावधान करती है.
कौन था टीम का लीडर? आबकारी वृत्त प्रभारी डॉ. सीमा कशीसिया ने संभाली कमान
इस पूरी कार्रवाई को आबकारी वृत्त प्रभारी डॉ. सीमा कशीसिया ने लीड किया, जिनकी रणनीति और सूझबूझ से टीम को यह बड़ी सफलता मिली. मौके पर जिला आबकारी अमला भी पूरी ताकत के साथ मौजूद रहा, जिसने ऑपरेशन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. आबकारी टीम के इस एकजुट प्रयास से अवैध शराब के गढ़ में सेंध लगाई जा सकी.
धाकड़ का 'धाकड़' संदेश: “अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी रहेगा!”
सहायक आबकारी आयुक्त वीरेन्द्र धाकड़ ने इस कार्रवाई के बाद साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अवैध शराब के खिलाफ उनका यह अभियान लगातार चलता रहेगा. उन्होंने कहा, “हम किसी भी कीमत पर शहर में अवैध शराब के कारोबार को पनपने नहीं देंगे. जनता की सुरक्षा और शांति सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है.”
यह अभियान दर्शाता है कि प्रशासन अवैध शराब के गोरखधंधे के खिलाफ कितनी गंभीरता से काम कर रहा है. उम्मीद है कि इस तरह की लगातार कार्रवाई से अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह लगाम लग सकेगी और भोपाल को अवैध नशे के चंगुल से मुक्ति मिलेगी.
क्या आप मानते हैं कि ऐसी कार्रवाई से अवैध शराब पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है?