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भोपाल का 'ड्रग्स जिम' संचालक! वेट लॉस के नाम पर युवाओं को परोस रहा था ज़हर

2025-09-01  Editor Shubham Jain  321 views

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भोपाल – राजधानी भोपाल के हाई-प्रोफाइल ड्रग्स मामले में क्राइम ब्रांच ने एक और बड़ा खुलासा किया है. शहर का एक मशहूर जिम संचालक मोनिस खान, जो खुद को फिटनेस गुरु बताता था, असल में एक बड़ा ड्रग्स पैडलर निकला है. पुलिस की जांच में सामने आया है कि मोनिस जिम में आने वाले युवाओं को वेट लॉस की दवा बताकर ड्रग्स बेचता था. यह चौंकाने वाला खुलासा उस समय हुआ, जब इस केस में पहले गिरफ्तार हुए सैफुद्दीन से क्राइम ब्रांच ने पूछताछ की.

विदेश भागा, अब 'लुक आउट नोटिस' की तैयारी

जांच में मोनिस खान का नाम सामने आने के बाद उसने देश से भागने की कोशिश की. पुलिस के मेमोरेंडम के अनुसार, मोनिस फिलहाल मलेशिया फरार हो गया है. अब क्राइम ब्रांच उसके खिलाफ 'लुक आउट नोटिस' जारी करने की तैयारी कर रही है ताकि उसे देश में वापस लाया जा सके और गिरफ्तार किया जा सके. मोनिस पर आरोप है कि वह ड्रग्स सप्लायर मोहसिन, जो कि शावर और यासीन के गुर्गों से जुड़ा है, से सबसे ज़्यादा मात्रा में ड्रग्स खरीदता था. यह नेटवर्क युवाओं को टारगेट करता था, खासतौर पर उन लोगों को जो जिम में अपने फिटनेस लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आते थे.

ट्रेनर से बना ड्रग्स डीलर

पुलिस के मुताबिक, मोनिस खान जिम संचालक बनने से पहले एक साधारण जिम ट्रेनर था. इसी दौरान उसने कई हाई-प्रोफाइल लोगों और युवाओं से संबंध बनाए. पुलिस को शक है कि वह इस दौरान ही ड्रग्स की डीलिंग में शामिल हुआ और बाद में उसने अपना खुद का जिम खोलकर इस अवैध धंधे को बढ़ाना शुरू कर दिया. यह मामला शहर में ड्रग्स के बढ़ते जाल का एक और खतरनाक संकेत है, जिसमें युवाओं को 'वेट लॉस' या 'फिटनेस सप्लीमेंट्स' के नाम पर ड्रग्स का आदी बनाया जा रहा है.

अगला हिस्सा: शाहिद मछली का 'कारतूस' कनेक्शन

अब मैं आपके द्वारा दी गई शाहिद मछली के कारतूस वाले मामले पर भी एक संक्षिप्त रिपोर्ट लिख रहा हूँ. यह एक अलग कहानी है, जिसे मोनिस खान के मामले से अलग रखना ही बेहतर है.

शूटिंग की आड़ में कारतूसों की हेराफेरी? शाहिद मछली पर पुलिस की पैनी नज़र

भोपाल – ड्रग्स मामले की जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि निशानेबाजी (शूटिंग) की आड़ में कारतूसों की हेराफेरी हो रही है. इस मामले में पुलिस ने शाहिद मछली नाम के व्यक्ति और उससे जुड़े लोगों की गहनता से जांच शुरू कर दी है.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, शाहिद मछली को सालाना तीस लाख कारतूसों की सीमा (लिमिट) दी गई है. पुलिस को शक है कि शूटिंग प्रैक्टिस की आड़ में इन कारतूसों का दुरुपयोग या हेराफेरी की जा रही है. अब क्राइम ब्रांच की टीम इस मामले से जुड़े सभी लोगों की बारीक से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इन कारतूसों का इस्तेमाल किसी आपराधिक गतिविधि में किया जा रहा है या नहीं.


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