
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बेहद चौंकाने वाला और दिल दहला देने वाला साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। यहां भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के एक रिटायर्ड अधिकारी और उनकी पत्नी को साइबर ठगों ने लगभग 70 दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा। इस दौरान, उन्हें लगातार धमकाया गया और डरा-धमकाकर उनसे कुल 68 लाख रुपये की बड़ी रकम ठग ली गई।
यह मामला दिखाता है कि कैसे शातिर ठग बुजुर्गों को अपनी साजिश का शिकार बना रहे हैं और उन्हें मानसिक रूप से इतना कमजोर कर देते हैं कि वे अपनी सारी जमा-पूंजी गंवा बैठते हैं।
ऐसे शुरू हुई ठगी की साजिश
यह पूरा मामला 4 जुलाई को तब शुरू हुआ जब 65 वर्षीय रिटायर्ड अधिकारी को एक फोन कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच का अधिकारी सुधीर कुमार बताया। उसने धमकाया कि अधिकारी के आधार कार्ड और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल पहलगाम आतंकी हमले की साजिश में हुआ है। इसके बाद, ठगों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर उनसे दो घंटे तक बात की। उन्होंने दंपति को इतना डरा दिया कि उन्हें लगने लगा कि उनके बच्चे भी खतरे में हैं। ठगों ने कहा कि अगर वे निर्दोष हैं तो उन्हें अपने सभी बैंक खातों में मौजूद पैसे उन्हें 'जांच' के लिए भेजने होंगे।
70 दिनों तक चला ‘डिजिटल टॉर्चर’
इस खतरनाक फोन कॉल के बाद अगले 70 दिनों तक यह बुजुर्ग दंपति ठगों के 'डिजिटल अरेस्ट' में रहे। ठगों ने उन्हें किसी से भी इस घटना के बारे में बात करने से मना किया और धमकी दी कि अगर उन्होंने ऐसा किया तो उनके और उनके बच्चों की जान को खतरा होगा।
इस दौरान, ठग लगातार व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए उन पर नजर रखते थे और उन्हें अपने नियंत्रण में रखते थे। बेचारे बुजुर्ग हर बार डर के मारे बैंक जाते थे और ठगों द्वारा बताए गए अलग-अलग खातों में पैसे जमा करते रहते थे।
ग्रेच्युटी से लेकर रिश्तेदारों के कर्ज तक, 68 लाख की ठगी
ठगों के जाल में फँसे इस बुजुर्ग ने पहले अपनी ग्रेच्युटी और बैंक में जमा 48 लाख रुपये उन्हें भेज दिए। इसके बाद, जब ठगों ने और पैसे मांगे तो उन्होंने अपने रिश्तेदारों से 20 लाख रुपये का कर्ज लिया और उसे भी उन ठगों के पास भेज दिया। इस तरह, कुल मिलाकर 11 अलग-अलग बैंक खातों के जरिए 68 लाख रुपये की बड़ी ठगी को अंजाम दिया गया।
इस भयानक धोखे का खुलासा तब हुआ जब बुजुर्ग ने अपने बेटे को फोन किया और पूरी आपबीती बताई। इसके बाद, परिवार ने तुरंत साइबर पुलिस से संपर्क किया और मामला दर्ज कराया। पुलिस ने अब इस मामले की जांच शुरू कर दी है और इन शातिर साइबर ठगों को पकड़ने की कोशिश कर रही है।
यह घटना एक बार फिर इस बात की चेतावनी देती है कि डिजिटल युग में हमें बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषज्ञों का कहना है कि खासकर बुजुर्गों को ऐसे किसी भी अज्ञात कॉल या मैसेज से सावधान रहना चाहिए और किसी भी तरह की जानकारी या पैसा देने से पहले पुलिस या बैंक से संपर्क करना चाहिए।