
वसीम कुरेशी सांची (Sanchi) थाना पुलिस ने एक चौंकाने वाले और तीन साल पुराने पशु क्रूरता (Animal Cruelty) एवं पशु तस्करी (Cattle Smuggling) के मामले में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को मध्य प्रदेश के इंदौर (Indore) शहर से धर दबोचा है।
क्या था मामला?
घटना 30 अक्टूबर 2022 की है। सांची पुलिस को सूचना मिली थी कि विदिशा-भोपाल मार्ग पर एक आईसर ट्रक (Eicher Truck) बिना ड्राइवर के लावारिस खड़ा है, जिसमें से दर्दनाक तरीके से पशुओं की आवाजें आ रही थीं। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब ट्रक का तिरपाल हटाया, तो अंदर का दृश्य दिल दहला देने वाला था। 14 नग गोवंश (Cow Progeny) को बेइंतहा क्रूरता के साथ, एक-दूसरे के ऊपर ठूंसकर और कसकर रस्सियों से बांधा गया था। ड्राइवर मौके से फरार हो चुका था। पुलिस ने तुरंत गोवंश को छुड़ाकर हलाली डैम गौशाला (Halali Dam Gaushala) भेजा और ट्रक को ज़ब्त कर गंभीर मामला दर्ज किया था।
ऐसे पकड़े गए शातिर तस्कर
पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पांडे के सख्त निर्देशों और एसडीओपी प्रतिभा शर्मा एवं थाना प्रभारी जेपी त्रिपाठी के कुशल नेतृत्व में आरोपियों की तलाश लगातार जारी थी। पुलिस ने तकनीकी जांच और ट्रक के रजिस्ट्रेशन नंबर (Registration Number) के आधार पर गहन छानबीन की। जांच में खुलासा हुआ कि ट्रक मालिक शकील ने यह वाहन अशोक प्रजापति (पिता चतुर्भुज प्रजापति) और ओमप्रकाश (पिता विनायक राव मराठा) दोनों निवासी इंदौर को बेचा था।
गुरुवार को कोर्ट में पेशी
पुलिस टीम ने फुर्ती दिखाते हुए तुरंत इंदौर में दबिश दी और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को दोनों को रायसेन न्यायालय (Raisen Court) में पेश किया गया। इस बड़ी कामयाबी में थाना प्रभारी जेपी त्रिपाठी, एएसआई चंद्रपाल, एएसआई कमल ठाकुर, हेड कांस्टेबल सुनील लोधी, कांस्टेबल मिथुन और कांस्टेबल हिम्मत यादव की विशेष और महत्वपूर्ण भूमिका रही।