VIDISHA BHARTI

collapse
...
Home / Politics/राजनीति / 2.25 करोड़ की MD ड्रग्स बरामदगी में बड़ी कामयाबी: 3 महीने से फरार ड्रग क्वीन निलोफर शेराली गिरफ्तार, पुलिस ने बताया कैसे चलता था नेटवर्क

2.25 करोड़ की MD ड्रग्स बरामदगी में बड़ी कामयाबी: 3 महीने से फरार ड्रग क्वीन निलोफर शेराली गिरफ्तार, पुलिस ने बताया कैसे चलता था नेटवर्क

2025-05-23  Editor Shubham Jain  694 views

ImgResizer_20250523_0831_26878
 

ठाणे | क्राइम रिपोर्ट | न्यूज़ डेस्क

महाराष्ट्र में ड्रग्स के खिलाफ चल रही कार्रवाई में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। करीब 2.25 करोड़ रुपये की कीमत वाली एमडी ड्रग्स की बरामदगी के मामले में पिछले तीन महीने से फरार चल रही मुख्य आरोपी महिला निलोफर शेराली सेंडोले को आखिरकार ठाणे पुलिस की एंटी-नारकोटिक सेल (ANC) ने धर दबोचा है।

50 वर्षीय निलोफर, जो लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रही थी, बुधवार को विक्रोली के पास उस वक्त पुलिस के हत्थे चढ़ी, जब वह बांद्रा से मुंब्रा की ओर जा रही थी। ठाणे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि गुरुवार को की और बताया कि महिला को ठोस सुराग और तकनीकी निगरानी के आधार पर गिरफ्तार किया गया।

क्या है पूरा मामला?

इस केस की शुरुआत फरवरी महीने में हुई थी, जब ठाणे के शिल दैघर इलाके में एएनसी ने एक फ्लैट पर छापा मारा था। वहां से पुलिस को 2.25 करोड़ रुपये की हाई-क्वालिटी एमडी ड्रग्स (मेथाम्फेटामाइन) बरामद हुई। इस कार्रवाई में पुलिस ने तीन युवकों – इलियास खान (19), अमन (21), और सैफ खान (25) को गिरफ्तार किया था।

पुलिस की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ कि ये तीनों युवक ड्रग्स की यह खेप उसी फ्लैट में देने आए थे, जो निलोफर शेराली के नाम पर था। इसके बाद से निलोफर फरार चल रही थी और पुलिस की नजरों से बचती रही।

बांद्रा से चला रही थी नेटवर्क, कई मामलों में नाम

पुलिस सूत्रों के अनुसार, निलोफर गिरफ्तारी से बचने के लिए बांद्रा म्हाडा ग्राउंड क्षेत्र में अपना ठिकाना बदलती रही। वह वहां छोटे-मोटे कामों का दिखावा कर रही थी, लेकिन उसके पीछे एक पूरा ड्रग सप्लाई नेटवर्क सक्रिय था। पुलिस के मुताबिक, निलोफर के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, और उसकी गिरफ्तारी से एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।

ऐसे चकमा देती रही पुलिस को

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि निलोफर बेहद चालाकी से ठिकाने बदलती रही। उसने अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया और सीधे तौर पर किसी से संपर्क नहीं रखती थी। वह अपने संपर्कों के माध्यम से सूचनाएं पहुंचाती और लेती थी। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस, मुखबिरों और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से उसकी मूवमेंट को ट्रैक किया और फिर उसे गिरफ्तार किया।

ड्रग्स माफिया की 'डॉन': कौन है निलोफर शेराली?

निलोफर शेराली सेंडोले कोई सामान्य आरोपी नहीं है। सूत्रों का दावा है कि वह पिछले कई वर्षों से मुंबई और ठाणे के ड्रग सिंडिकेट से जुड़ी हुई थी। वह सप्लायर्स और डीलरों के बीच एक लिंक का काम करती थी और खुद भी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त में शामिल थी। पुलिस ने अब उसके पुराने रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है और यह पता लगाने में जुटी है कि उसकी पहुंच किन-किन बड़े नामों तक थी।

3 सप्लायर पहले ही सलाखों के पीछे

जिन तीन युवकों को पहले गिरफ्तार किया गया था, उनसे पूछताछ के दौरान ही निलोफर का नाम सामने आया था। पुलिस ने उनके मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और ट्रांजेक्शन डिटेल्स से यह पुष्टि की थी कि फ्लैट निलोफर का है और ड्रग्स की डील उसी के इशारे पर हो रही थी। अब जब निलोफर गिरफ्तार हो चुकी है, पुलिस को उम्मीद है कि इस केस में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

जांच जारी, और गिरफ्तारी संभव

ठाणे पुलिस की एएनसी टीम ने स्पष्ट किया है कि अब जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। निलोफर के मोबाइल, सोशल मीडिया और बैंक खातों की जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि वह ड्रग्स की सप्लाई किस लेवल तक पहुंचा रही थी और किन-किन लोगों से उसका संपर्क था।

ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति

राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। चाहे आरोपी कितना भी रसूखदार क्यों न हो, उस पर कार्रवाई तय है। इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि ड्रग्स माफिया को कहीं भी छिपने की जगह नहीं मिलेगी


Share:

26