
जबलपुर से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने घरेलू सुरक्षा और भरोसे की बुनियाद को हिला कर रख दिया है। गोहलपुर थाना क्षेत्र में 12 वर्षों से भरोसे के साथ कार्यरत एक नौकरानी ने न केवल विश्वास तोड़ा, बल्कि जानलेवा साजिश रचते हुए घर के मालिक और मालकिन को ज़हर देकर लूट की वारदात को अंजाम दिया।
यह मामला उन सभी लोगों के लिए चेतावनी है, जो वर्षों से काम करने वाले घरेलू सहायकों पर आंख मूंदकर भरोसा कर बैठते हैं। शांति नगर, गली नंबर 17, जेडीए कॉलोनी निवासी रिटायर्ड सिंचाई विभाग अधिकारी जवाहरलाल गुप्ता और उनकी पत्नी उषा गुप्ता इस दर्दनाक घटना का शिकार बने।
12 साल की सेवा के बाद आई साजिश की रात
जानकारी के अनुसार, संगीता सोनी नामक महिला पिछले 12 सालों से गुप्ता दंपति के घर बतौर खाना बनाने वाली कार्यरत थी। 17 मई की सुबह वह रोज की तरह घर आई और दंपति के कहने पर उन्हें चाय बनाकर दी। लेकिन इस चाय में था ज़हर, जो कुछ ही मिनटों में असर दिखाने लगा।
चाय पीते ही दोनों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उल्टी, चक्कर और बेचैनी जैसे लक्षणों के बाद उन्होंने तुरंत अपने भतीजे आयुष को फोन किया। लेकिन इसके पहले कि वह पहुंचे, संगीता ने मौके का फायदा उठाया और उषा गुप्ता के हाथों से सोने के कड़े तथा गले से चेन जबरन उतारकर वहां से फरार हो गई।
अस्पताल में चली ज़िंदगी की जंग
आयुष के पहुंचते ही दंपति को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की जांच में सामने आया कि उन्हें ज़हर दिया गया था। तीन दिन तक अस्पताल में चले इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार आया, लेकिन मानसिक आघात गहरा था।
डिस्चार्ज के बाद जब वे अपने घर लौटे, तो उन्होंने सबसे पहले सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। वीडियो में संगीता की गतिविधियां बेहद संदिग्ध पाई गईं। यही नहीं, वारदात के बाद से वह दोबारा कभी काम पर नहीं लौटी।
पुलिस में दर्ज हुई रिपोर्ट, तलाश जारी
शनिवार की रात गुप्ता दंपति गोहलपुर थाने पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। उनकी शिकायत पर पुलिस ने घरेलू सहायिका संगीता सोनी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सब इंस्पेक्टर किशोर बागरी ने बताया कि यह भरोसे के रिश्ते के साथ धोखा और जानलेवा साजिश का मामला है। पुलिस टीम संगीता की तलाश में जुट गई है और जबलपुर के आसपास के इलाकों में छापेमारी की जा रही है।
क्या आपकी घरेलू सुरक्षा भी खतरे में है?
यह घटना केवल एक परिवार के साथ हुई आपराधिक वारदात नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। घरेलू सहायकों के साथ कामकाजी रिश्ता जितना नजदीकी होता है, खतरा भी उतना ही बड़ा हो सकता है अगर सतर्कता न बरती जाए।
पुलिस की सलाह
किसी भी घरेलू कर्मचारी को रखने से पहले उसकी पृष्ठभूमि की गहराई से जांच करें।
स्थानीय थाने में उसका सत्यापन कराना अनिवार्य समझें।
समय-समय पर उनकी गतिविधियों की निगरानी रखें।
घर में CCTV कैमरे लगवाएं और उसकी रिकॉर्डिंग नियमित रूप से चेक करें।
सामाजिक भरोसे पर लगा सवालिया निशान
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि लंबे समय तक काम कर रहे कर्मचारियों पर भी अंधविश्वास करना घातक हो सकता है। जबलपुर की यह वारदात देशभर के लोगों के लिए आंखें खोलने वाली है, जिसमें एक घरेलू सहायिका ने 12 साल की सेवा के बाद ज़हर पिलाकर घर लूट लिया।
जबलपुर की इस घटना ने यह सिखाया है कि घरेलू भरोसे को आंख मूंदकर नहीं निभाया जा सकता। चाहे कोई कर्मचारी कितना भी पुराना हो, सतर्कता बरतना जरूरी है। यह घटना न सिर्फ गुप्ता परिवार के लिए एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि समाज के हर नागरिक के लिए एक जरूरी सबक भी है। पुलिस कार्रवाई जारी है, लेकिन अब यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें।