VIDISHA BHARTI

collapse
...
Home / Politics/राजनीति / 1000 KM दूर 'ऑपरेशन ठगी'! देवास पुलिस ने उत्तराखंड में मारा छापा, करोड़ों का चूना लगाने वाला इंटर-स्टेट गैंग दबोचा

1000 KM दूर 'ऑपरेशन ठगी'! देवास पुलिस ने उत्तराखंड में मारा छापा, करोड़ों का चूना लगाने वाला इंटर-स्टेट गैंग दबोचा

2025-10-23  Amit raikwar  352 views

ImgResizer_20251023_0905_24265
देवास, मध्य प्रदेश/रुड़की, उत्तराखंड। देवास पुलिस ने एक साहसी और लंबी दूरी की कार्रवाई में अंतर्राज्यीय ठगों के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने उत्तराखंड में 'सस्ती ज़मीन' बेचने का झांसा देकर देश भर के प्रॉपर्टी ब्रोकर्स को करोड़ों रुपए का चूना लगाया था। देवास पुलिस की विशेष टीम ने करीब 1000 किलोमीटर की दूरी तय कर उत्तराखंड के रुड़की और हरिद्वार में छापा मारा और इस गिरोह के 5 शातिर सदस्यों को धर दबोचा।

ठगी का मास्टरप्लान: Just Dial और फर्जी एग्रीमेंट

गिरोह का ठगी करने का तरीका बेहद शातिर था। ये ठग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म 'जस्ट डायल' (Just Dial) का इस्तेमाल करते थे, जिसके ज़रिए ये देश के अलग-अलग शहरों के प्रॉपर्टी ब्रोकर्स के मोबाइल नंबर हासिल करते थे।

 * शिकार की तलाश: गिरोह के सदस्य खुद को बड़े ज़मीन मालिक या उनके प्रतिनिधि बताते थे।

 * फर्जीवाड़े का जाल: ये ब्रोकर्स को उत्तराखंड (जैसे हरिद्वार, रुड़की) में प्राइम लोकेशन पर बेहद सस्ती दर पर ज़मीन या प्लॉट दिलाने का झांसा देते थे।

 * विश्वास जीतना: ये ठग फर्जी पहचान पत्र और जाली ज़मीन के दस्तावेज़ दिखाते थे, जिससे ब्रोकर्स को उन पर भरोसा हो जाता था।

 * टोकन मनी पर खेल: ज़मीन का सौदा पक्का होने के बाद, ये ब्रोकर्स से एक बड़ी टोकन राशि (लाखों रुपए) लेकर एग्रीमेंट करते थे। इसके बाद, ये अलग-अलग बहाने बनाकर एग्रीमेंट को रजिस्टर कराने का समय टालते रहते थे और अंत में मोबाइल बंद कर फरार हो जाते थे।

गिरफ्तारी का टर्निंग पॉइंट: भांजे को फँसाने की कोशिश

इस गिरोह का पर्दाफाश एक छोटी सी गलती से हुआ। गिरोह ने अपने पहले शिकार (पीड़ित तेजकरण) को ठगने के बाद, उसी ज़मीन के सौदे में पीड़ित के भांजे शुभम को भी फँसाने की कोशिश की। शुभम को सौदा अजीब लगा और उसने तत्काल अपने मामा से बात की, जिससे पूरा खेल खुल गया।

देवास पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद को जैसे ही इस धोखाधड़ी की सूचना मिली, उन्होंने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने तकनीकी सर्विलांस और खुफिया जानकारी का उपयोग करते हुए ठगों का पीछा किया और उन्हें रुड़की के एक होटल में धर दबोचा। पुलिस टीम ने इस दौरान खुद को खरीददार बनाकर भी ठगों से संपर्क किया, जिससे उनकी गिरफ्तारी आसान हो गई।

बरामदगी और मास्टरमाइंड की तलाश जारी

पुलिस ने मौके से ठगी गई रकम का एक बड़ा हिस्सा बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से ₹29 लाख 50 हज़ार नकद और दो लक्जरी कारें जब्त की गई हैं।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मुंबई के शातिर ठग शामिल हैं। देवास पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने बताया कि इस कार्रवाई से अन्य सक्रिय ठगी गिरोहों में भी हड़कंप मच गया है। उन्होंने पुष्टि की कि गिरोह के मास्टरमाइंड इकबाल खान सहित अन्य फरार आरोपियों की तलाश जोर-शोर से जारी है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

यह कार्रवाई न केवल देवास पुलिस की बड़ी सफलता है, बल्कि यह देशभर के प्रॉपर्टी ब्रोकर्स और आम जनता के लिए भी एक बड़ी चेतावनी है।

🛡️ सतर्क रहें! धोखाधड़ी से कैसे बचें:

 * ज़मीन या प्रॉपर्टी खरीदते समय मूल दस्तावेज़ों की गहन जाँच कराएँ।

 * टोकन राशि देने से पहले वकील से कानूनी सलाह ज़रूर लें।

 * असामान्य रूप से सस्ते सौदों पर संदेह करें और स्थानीय प्रशासन से पुष्टि करें।


Share:

ब्लैक टाइगर