विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के शमशाबाद में 5 अगस्त 2026 की शाम सर्राफा व्यापारी से हुई सनसनीखेज लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पिता-पुत्र को रास्ते में रोककर फायरिंग करने और सोना-चांदी से भरा बैग लूटने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 किलो 235 ग्राम चांदी, 25 ग्राम सोना, दो मोटरसाइकिल और तीन अवैध देसी कट्टे बरामद किए हैं। बरामद सामान की कुल कीमत 25 लाख 18 हजार 750 रुपये बताई गई है।
इस पूरे मामले के खुलासे में पुलिस की छह विशेष टीमों ने कई दिनों तक लगातार काम किया। जांच के दौरान 550 से ज्यादा CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले गए। 400 से अधिक लोगों और संदिग्धों से पूछताछ की गई। तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचना तंत्र और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची। जांच का दायरा विदिशा से बढ़कर उत्तर प्रदेश तक पहुंचा।
बाइक से पीछा कर व्यापारी और बेटे पर हमला
घटना 5 अगस्त 2026 की शाम करीब साढ़े छह बजे की है। शमशाबाद थाना क्षेत्र के पट्टन-पिपलधार के बीच सर्राफा व्यापारी संजय सोनी अपने बेटे यश सोनी के साथ मोटरसाइकिल से विदिशा लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार तीन बदमाशों ने उनका पीछा शुरू कर दिया।
बदमाशों ने व्यापारी की मोटरसाइकिल को टक्कर मारकर दोनों को सड़क पर गिरा दिया। इसके बाद एक आरोपी ने देशी कट्टे से फायरिंग कर दी। गोली संजय सोनी की बाईं कलाई में लगी, जबकि बाइक से गिरने के कारण उनके बेटे यश सोनी को चोट आई।
हमले के बाद बदमाश सोना-चांदी और नगदी से भरा झोला लेकर फरार हो गए। वारदात के बाद पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के साथ लूटे गए माल की बरामदगी भी बड़ी चुनौती थी।
छह टीमों ने शुरू की जांच
वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के मार्गदर्शन में छह विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। टीमों ने व्यापारी के घर से निकलने के बाद उनके पूरे रूट की जानकारी जुटाई। हाट बाजार तक पहुंचने और वहां से वापस लौटने के रास्ते के CCTV फुटेज की जांच की गई।
घटनास्थल के आसपास के मार्गों और संभावित भागने के रास्तों पर भी पुलिस ने साक्ष्य जुटाए। जांच को आगे बढ़ाने के लिए स्थानीय सूचना तंत्र को सक्रिय किया गया।
550 से ज्यादा CCTV फुटेज बने अहम कड़ी
पुलिस ने 360 डिग्री दृष्टि अभियान के तहत लगाए गए 550 से ज्यादा CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। अलग-अलग स्थानों के कैमरों से संदिग्धों की गतिविधियों को जोड़कर उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाया गया।
इसके साथ पुलिस ने 400 से ज्यादा लोगों और संदिग्धों से पूछताछ की। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की सहायता ली गई। तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। फरियादी के बताए हुलिए के आधार पर संदिग्धों के स्कैच भी तैयार किए गए।
इन सभी प्रयासों से पुलिस को आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले।
विदिशा से उत्तर प्रदेश तक पहुंची जांच
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के उत्तर प्रदेश में छिपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस की टीमें उत्तर प्रदेश पहुंचीं और कई दिनों तक संभावित ठिकानों पर नजर रखी।
पुलिस के अनुसार आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस को चकमा देने के लिए अलग-अलग स्थानों पर छिप रहे थे। जांच के दौरान आरोपियों के नेपाल भागने की संभावना भी सामने आई। स्थानीय पुलिस के सहयोग से उनकी गतिविधियों पर नजर रखी गई।
आखिरकार पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में उत्तर प्रदेश निवासी कृष्णपाल उर्फ मंजले राजा, इंद्रपाल सिंह बुंदेला और कल्याण सिंह परमार को गिरफ्तार किया है। मध्य प्रदेश के गंजबासौदा क्षेत्र निवासी टिंकू उर्फ मुकेश यादव को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और वारदात की पूरी साजिश के संबंध में पूछताछ कर रही है।
25 लाख से ज्यादा का मशरूका बरामद
सर्राफा लूटकांड में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में सोना-चांदी बरामद किया है। बरामद सामान में 7 किलो 235 ग्राम चांदी और 25 ग्राम सोना शामिल है।
इसके अलावा दो मोटरसाइकिल और तीन अवैध देसी कट्टे भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने बरामद मशरूका की कुल कीमत 25 लाख 18 हजार 750 रुपये बताई है।
फरार आरोपियों पर था 30 हजार रुपये का इनाम
लूटकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने लगातार दबिश दी। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर पुलिस महानिरीक्षक भोपाल देहात जोन की ओर से 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
CCTV फुटेज, पूछताछ, तकनीकी जांच और जमीनी स्तर पर जुटाई गई जानकारी के आधार पर पुलिस ने आखिरकार आरोपियों तक पहुंच बनाई।
पुलिस टीम का सम्मान
सर्राफा लूटकांड के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पुलिस अधीक्षक विदिशा ने प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया।
सर्राफा एसोसिएशन ने भी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर सम्मान किया। एसोसिएशन ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की।
फिलहाल चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। लूट का बड़ा हिस्सा बरामद हो चुका है और वारदात में इस्तेमाल हथियार भी जब्त किए गए हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और लूट की पूरी साजिश से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
Leave a comment
Your email address will not be published. Required fields are marked *