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विदिशा की बदहाल शिक्षा व्यवस्था और पुलहीन नदियों पर बड़ा सवाल

22-08-2026  Vidisha Raghvendra dangi  24 views
विदिशा की बदहाल शिक्षा व्यवस्था और पुलहीन नदियों पर बड़ा सवाल

विदिशा/लटेरी: किताबों का भारी बोझ, आँखों में पढ़ाई का सपना और सामने उफनती हुई उफान मारती नदी... न कोई पुल, न सुरक्षा का साधन। यह कोई फिल्मी सीन नहीं, बल्कि विदिशा जिले की लटेरी तहसील के ग्राम पंचायत धीरगढ़ अंतर्गत भीलाखेड़ी खुर्द गांव की कड़वी और डरावनी जमीनी हकीकत है। यहाँ मासूम छोटे-छोटे बच्चे हर दिन अपनी जान हथेली पर रखकर उफनती नदी पार करने को मजबूर हैं। 


​पल-पल बदलते मौसम और बारिश के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ जाता है, जिससे तेज बहाव के बीच बच्चों का नदी पार करना बेहद खतरनाक हो जाता है। इसके बावजूद मजबूरी में मासूम अपनी जिंदगी दांव पर लगाकर स्कूल पहुँच रहे हैं। जिले की हर छोटी-बड़ी निष्पक्ष खबर और जमीनी रिपोर्ट पढ़ने के लिए जुड़े रहिए vidishabharti.com के साथ। 


​प्रशासनिक दावों की खुली पोल: भ्रमण पर थे कमिश्नर, ज़मीन पर बेबस थे बच्चे 
​सबसे ज्यादा चौंकाने वाली और गंभीर बात यह है कि जब इन मासूमों की नदी पार करते हुए रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीरें सामने आईं, ठीक उसी समय संभाग आयुक्त (कमिश्नर) विदिशा जिले के स्कूलों का औचक भ्रमण कर रहे थे। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि कागजों पर शिक्षा सुधार और ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करने वाला प्रशासन आखिर मैदानी हकीकत से इतना बेखबर क्यों है? 


​विदिशा जिले में यह कोई पहला मामला नहीं है। कभी पलोह डेम से जोखिम भरी तस्वीरें आती हैं, तो कभी नटेरन के संदीपनी विद्यालय में ट्रॉली में भूसे की तरह भरकर बच्चों को ले जाने की तस्वीरें, और अब धीरगढ़ में उफनती नदी पार करते मासूम... आखिर विदिशा की बदहाल शिक्षा और परिवहन व्यवस्था के हालात कब सुधरेंगे? 


​ग्रामीणों की चिंता: कब मिलेगा इस समस्या का स्थायी समाधान? 
​धीरगढ़ और भीलाखेड़ी खुर्द के ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में नदी का बहाव इतना तेज हो जाता है कि हर वक्त बड़े हादसे का डर बना रहता है। जब तक बच्चे स्कूल से सही-सलामत घर वापस नहीं लौट आते, तब तक अभिभावकों की सांसें अटकी रहती हैं। ग्रामीणों द्वारा बार-बार गुहार लगाने के बाद भी अब तक नदी पर पुल या सुरक्षित आवागमन का कोई स्थायी इंतजाम नहीं किया गया है। 
​सवाल सीधा और तीखा है—क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, या इन मासूमों को शिक्षा का अधिकार पाने के लिए यूं ही हर दिन अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ेगी? 


​स्थानीय मुद्दों और जनता की आवाज को प्रमुखता से उठाने वाले पोर्टल vidishabharti.com पर बने रहें।


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