गाडरवारा। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा विधानसभा अंतर्गत आने वाली चीचली जनपद पंचायत में बीते 37 दिनों से चल रहा हाई-प्रोफाइल ड्रामा आखिरकार एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के साथ समाप्त हुआ। जनपद अध्यक्ष श्रीमती राधाबाई अहिरवार की मांगों के आगे झुकते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। चीचली जनपद पंचायत के CEO अभिषेक गुप्ता को पद से हटा दिया गया है, वहीं उनकी जगह अब पुनीत लटोरिया को चीचली जनपद के प्रभारी CEO की कमान सौंपी गई है।
37 दिनों के लंबे धरना-प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक स्तर पर यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, लेकिन धरना समाप्त होते ही इस पूरे घटनाक्रम में एक नया और सनसनीखेज मोड़ आ गया है। क्षेत्र और राज्य की हर खबर से लगातार अपडेट रहने के लिए हमेशा विजिट करें vidishabharti.com।
क्यों धरने पर बैठी थीं जनपद अध्यक्ष?
चीचली जनपद अध्यक्ष श्रीमती राधाबाई अहिरवार लगातार 37 दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जनपद कार्यालय के सामने आंदोलन और धरने पर डटी हुई थीं। उनका आरोप था कि प्रशासनिक तंत्र जनप्रतिनिधियों की अनदेखी कर रहा है और विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न की जा रही है। लगातार चले इस आंदोलन के बाद आखिरकार जिला प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा और CEO अभिषेक गुप्ता को हटाने का आदेश जारी करना पड़ा।
जीत के जश्न के बीच कांग्रेस नेताओं पर गिरी गाज!
एक तरफ जहां 37 दिनों के संघर्ष के बाद जनपद CEO को हटाए जाने पर समर्थकों में खुशी की लहर थी, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक कार्रवाई ने सियासी पारे को और बढ़ा दिया है।
हटाए गए जनपद CEO अभिषेक गुप्ता की शिकायत पर पुलिस ने कार्यालय में तालाबंदी करने, शासकीय कार्य में बाधा डालने और प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है।
युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष समेत कई कार्यकर्ताओं पर FIR
सामने आई जानकारी के अनुसार, पुलिस ने मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभिषेक परमार सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
इन गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला:
शासकीय कार्य में बाधा: सरकारी काम में रुकावट डालने का आरोप।
कार्यालय में आवाजाही रोकना: अधिकारी-कर्मचारियों को कार्यालय में प्रवेश करने और बाहर निकलने से रोकने का आरोप।
तालाबंदी व उग्र प्रदर्शन: बिना अनुमति शासकीय भवन में तालाबंदी करने की धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।
एक तरफ CEO का तबादला और दूसरी तरफ आंदोलनकारी नेताओं पर FIR के बाद गाडरवारा और चीचली का राजनीतिक माहौल पूरी तरह से गरमा गया है। ऐसी ही निष्पक्ष और सटीक खबरों के लिए बने रहिए vidishabharti.com के साथ।
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