लटेरी। वन भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। वन परिक्षेत्र दक्षिण लटेरी के बीट मंडेला-2, कक्ष क्रमांक P-383 में विभागीय टीम ने अभियान चलाकर करीब 40 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान वन भूमि पर किए गए अवैध कब्जे और फेंसिंग को हटाया गया। साथ ही मौके पर बनाए गए 5 अवैध टपरों को ध्वस्त किया गया।
वन विभाग की इस कार्रवाई के बाद मुक्त कराई गई वन भूमि को सुरक्षित किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण की शिकायतों को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जहां भी वन भूमि पर अतिक्रमण की स्थिति सामने आती है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
40 हेक्टेयर वन भूमि पर था अतिक्रमण
वन विभाग के अनुसार दक्षिण लटेरी वन परिक्षेत्र के मंडेला-2 बीट स्थित कक्ष क्रमांक P-383 में लगभग 40 हेक्टेयर वन भूमि पर अतिक्रमण किया गया था। अतिक्रमणकारियों ने वन भूमि के हिस्से में फेंसिंग कर कब्जे को सुरक्षित करने का प्रयास किया था।
मौके पर कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम ने अवैध फेंसिंग को हटाया। इसके साथ ही वन भूमि पर बनाए गए 5 टपरों को भी हटाकर भूमि को कब्जे से मुक्त कराया गया।
कार्रवाई के बाद वन भूमि पर दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए विभाग द्वारा क्षेत्र की निगरानी बढ़ाने की बात कही गई है।
अवैध टपरों पर भी हुई कार्रवाई
अतिक्रमण वाले क्षेत्र में वन भूमि पर बनाए गए पांच अवैध टपरे भी कार्रवाई के दायरे में आए। वन विभाग की टीम ने इन्हें ध्वस्त कर दिया।
वन भूमि पर इस तरह के निर्माण से क्षेत्र में अतिक्रमण बढ़ने की आशंका रहती है। विभाग ने कार्रवाई के माध्यम से वन क्षेत्र की जमीन को सुरक्षित रखने का प्रयास किया है।
अधिकारियों के अनुसार वन भूमि का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जा सकता है। बिना अनुमति कब्जा, निर्माण या भूमि के स्वरूप में बदलाव के मामलों में विभाग कार्रवाई करता है।
पहले टीम के साथ अभद्रता का मामला
वन भूमि पर अतिक्रमण रोकने के दौरान वन विभाग की टीम को पहले भी विरोध का सामना करना पड़ा था। विभाग के अनुसार पूर्व में अतिक्रमण रोकने और वन भूमि की सुरक्षा के लिए पहुंची टीम के साथ कुछ अतिक्रमणकारियों ने कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया था।
विभाग ने यह भी बताया कि टीम के साथ मारपीट का प्रयास किए जाने की घटना सामने आई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग की ओर से पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।
इसके बाद वन विभाग ने वन भूमि की सुरक्षा और अतिक्रमण रोकने के लिए कार्रवाई तेज कर दी।
वन भूमि की सुरक्षा पर विभाग का जोर
वन क्षेत्रों में अतिक्रमण की शिकायतों को लेकर विभाग द्वारा निगरानी और कार्रवाई जारी है। अधिकारियों का कहना है कि वन भूमि पर कब्जे की स्थिति बनने से रोकना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।
मंडेला-2 बीट में हुई कार्रवाई के दौरान अवैध फेंसिंग हटाने और टपरों को ध्वस्त करने के बाद करीब 40 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। विभाग ने मौके पर स्थिति का निरीक्षण भी किया।
कार्रवाई के बाद क्षेत्र में दोबारा अतिक्रमण की कोशिश न हो, इसके लिए वन अमले द्वारा नजर रखे जाने की जानकारी सामने आई है।
अतिक्रमणकारियों पर आगे भी कार्रवाई के संकेत
वन विभाग ने वन भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने के संकेत दिए हैं। विभागीय टीमों द्वारा वन क्षेत्रों का निरीक्षण कर अतिक्रमण की स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है।
यदि किसी क्षेत्र में वन भूमि पर फेंसिंग, टपरे या अन्य निर्माण के माध्यम से कब्जा किया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग की कार्रवाई से वन भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों में भी सख्ती का संदेश गया है।
40 हेक्टेयर भूमि हुई सुरक्षित
दक्षिण लटेरी के मंडेला-2 बीट में हुई कार्रवाई को वन भूमि संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। करीब 40 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के साथ ही अवैध फेंसिंग और पांच टपरों को हटाया गया।
वन विभाग की कार्रवाई के बाद अब संबंधित क्षेत्र को सुरक्षित रखने और भविष्य में दोबारा अतिक्रमण रोकने की चुनौती भी रहेगी। इसके लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी जरूरी होगी।
विभाग द्वारा पूर्व की घटना में दर्ज एफआईआर के बाद भी अतिक्रमण रोकने की कार्रवाई जारी रखी गई है। वन भूमि की सुरक्षा को लेकर विभाग का अभियान आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।
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