नटेरन। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का मुख्य उद्देश्य गरीबों को उनके सपनों का घर और सिर छिपाने के लिए छत मुहैया कराना है, लेकिन जनप्रतिनिधियों और उनके नुमाइंदों ने इस जनकल्याणकारी योजना को अपनी कमाई का जरिया बना दिया है। ताजा सनसनीखेज मामला जनपद पंचायत नटेरन के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बरखेड़ा जागीर से सामने आया है, जहां भ्रष्टाचार और खुलेआम रिश्वतखोरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
ग्राम पंचायत बरखेड़ा जागीर में निर्वाचित महिला सरपंच लीला बाई अहिरवार के पति तोफान सिंह अहिरवार द्वारा पंचायत का सारा कामकाज संभाला जा रहा है। अब सरपंच पति पर आवास योजना की किस्त जारी करने और संबल योजना की अनुग्रह राशि के बदले में सरेआम 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं।
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🗣️ "संबल के नहीं दिए, तो कुटीर के तो 20 हजार देने ही पड़ेंगे"
वायरल वीडियो में बातचीत का ऑडियो साफ सुना जा सकता है। पीड़ित ग्रामीण विवेक प्रजापति ने बताया कि उनके स्वर्गीय पिता के नाम पर पीएम आवास (कुटीर) स्वीकृत हुआ था, जिसमें उनकी माताजी नॉमिनी हैं। पहली किस्त भी काफी शिकायतों और मिन्नतों के बाद जारी हो सकी थी। अब जब दूसरी किस्त जारी करने का समय आया, तो सरपंच पति तोफान सिंह अहिरवार ने सीधे 20,000 रुपये की डिमांड रख दी।
जब पीड़ित ने इतने पैसे देने में अपनी असमर्थता जताई, तो सरपंच पति ने पुराने मामले का ताना मारते हुए बेधड़क कहा— "तुमने पिता की मृत्यु पर मिलने वाली संबल राहत राशि में से भी 5 हजार नहीं दिए थे। अब कुटीर के 20 हजार रुपए तो देने ही पड़ेंगे।"
🔨 सरपंच पति की अजीब सफाई: "दूसरी मंजिल बना रहा है, इसलिए गुस्से में बोले"
मामला तूल पकड़ते ही और वीडियो वायरल होने के बाद जब इस संबंध में आरोपी सरपंच पति तोफान सिंह अहिरवार से बात की गई, तो उन्होंने एक अजीबोगरीब तर्क दिया। सरपंच पति का कहना है कि हितग्राही मकान की दूसरी मंजिल बना रहा है, इसलिए उन्होंने महज गुस्से में आकर 20 हजार रुपये देने की बात कह दी थी।
हालांकि, इस वायरल वीडियो ने प्रशासनिक व्यवस्था और दावों की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय ग्रामीणों में इस गुंडागर्दी और खुलेआम वसूली को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है।
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