नई दिल्ली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने बीते वर्षों में विकास की नई दिशा तय की है। कभी बीमारू प्रदेश के रूप में देखे जाने वाले मध्यप्रदेश ने अब अपनी पहचान बदल ली है। राज्य कृषि के साथ उद्योग, तकनीक, ग्रीन एनर्जी और निवेश के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित द इकॉनामिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026 में शामिल हुए। उन्होंने फोरम के 'फायरसाइड चैट ऑन एमपी: अनलॉकिंग द हार्ट ऑफ इंडिया' सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देश और विदेश के निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
चुनौतियों को विकास के अवसरों में बदला
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने अपनी चुनौतियों को पहचानकर उन्हें विकास के अवसरों में बदला है। प्रदेश में कृषि के साथ औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार हो रहा है। सरकार का लक्ष्य निवेश, रोजगार और आर्थिक विकास को गति देना है।
उन्होंने कहा कि आज देश आजादी के अमृतकाल में आगे बढ़ रहा है। सभी राज्य मिलकर देश के विकास में योगदान दे रहे हैं। नदी जोड़ो अभियान और सिंचाई परियोजनाओं सहित कई विषयों पर पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर समाधान निकाले जा रहे हैं।
निवेशकों से बोले, मध्यप्रदेश आइए और कारोबार बढ़ाइए
मुख्यमंत्री ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि प्रदेश में असीम संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने उद्योगपतियों से राज्य की उद्योग-मित्र नीतियों का लाभ लेने और अपने व्यापार को विस्तार देने का आग्रह किया।
डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आने वाले निवेशकों के लिए सरकार सहयोगी भूमिका निभा रही है। निवेशकों को उद्योग स्थापित करने के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने और प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर सरकार का ध्यान है।
ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में सौर और पवन ऊर्जा की व्यापक संभावनाएं हैं। स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल से उद्योगों को नई दिशा देने की योजना पर काम हो रहा है।
सरकार उद्योगों के लिए ऊर्जा, भूमि और अधोसंरचना उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। स्वच्छ ऊर्जा आधारित निवेश से पर्यावरण अनुकूल औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।
सेमीकंडक्टर से डेटा सेंटर तक निवेश के अवसर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कई प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं हैं। इनमें टेक्सटाइल और गारमेंट, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, खाद्य प्रसंस्करण और नवीकरणीय ऊर्जा प्रमुख हैं।
राज्य में आधुनिक औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इन पार्कों में उद्योगों की जरूरत के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम हो रहा है। सरकार एमएसएमई, स्टार्टअप और बड़े उद्योगों के लिए अनुकूल कारोबारी वातावरण तैयार कर रही है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था, डिजिटल प्रक्रियाओं और समयबद्ध अनुमोदन को प्राथमिकता दी जा रही है। निवेश प्रस्तावों के जल्द निराकरण और परियोजनाओं को समय पर जमीन पर उतारने के लिए सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है।
सरकार की कोशिश है कि निवेशकों को उद्योग लगाने से लेकर उत्पादन शुरू करने तक जरूरी सहयोग मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशक मध्यप्रदेश को अपने दीर्घकालिक विकास साझेदार के रूप में देखें।
सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी बनेगी ताकत
मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति को मुख्यमंत्री ने राज्य की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश देश के प्रमुख औद्योगिक और उपभोक्ता बाजारों के बीच महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
सड़क, रेल और हवाई संपर्क के विस्तार के साथ लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी से मध्यप्रदेश में बनने वाले उत्पादों को देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
निर्यात बढ़ाने पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विनिर्माण के साथ निर्यात क्षमता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि आधारित उत्पाद और इंजीनियरिंग क्षेत्र के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
उन्होंने समृद्ध मध्यप्रदेश 2047 और विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि औद्योगिक विकास, रोजगार, निर्यात और निजी निवेश इन लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बड़े उद्योगों के साथ स्टार्टअप और एमएसएमई को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। नए उद्योग स्थापित होने से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सरकार उद्योगों और निवेशकों के साथ संवाद के जरिए परियोजनाओं को धरातल पर लाने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान अब कृषि और प्राकृतिक संसाधनों तक सीमित नहीं है। प्रदेश आधुनिक उद्योग, ग्रीन एनर्जी, तकनीक, इनोवेशन और वैश्विक निवेश के क्षेत्र में भी अपनी जगह बना रहा है।
निवेशकों को मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश और विदेश के निवेशकों का मध्यप्रदेश में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश निवेश, उद्योग और नए कारोबार के लिए तैयार है। सरकार का लक्ष्य औद्योगिक विकास के साथ रोजगार और आर्थिक समृद्धि को आगे बढ़ाना है।
मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर सरकार का संदेश स्पष्ट है। उद्योग लगाइए, रोजगार बढ़ाइए और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में भागीदार बनिए।
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