Vidisha Bharti

Header
collapse
...
Home / विदिशा समाचार / भोपाल में Ola-Rapido बाइक टैक्सी पर RTO की सख्ती की तैयारी

भोपाल में Ola-Rapido बाइक टैक्सी पर RTO की सख्ती की तैयारी

23-08-2026  Vijay Sharma  56 views
भोपाल में Ola-Rapido बाइक टैक्सी पर RTO की सख्ती की तैयारी

भोपाल। राजधानी भोपाल में Ola और Rapido जैसी एग्रीगेटर ऐप्स से बाइक टैक्सी सेवा देने वाले चालकों पर परिवहन विभाग की सख्ती बढ़ने के संकेत हैं। निजी नंबर प्लेट वाली बाइक से व्यावसायिक रूप से सवारी ढोने के मामले में RTO कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। कार्रवाई शुरू होने के बाद प्राइवेट यानी व्हाइट बोर्ड वाली बाइक से बाइक टैक्सी चलाने वाले चालकों पर चालान और वाहन जब्ती जैसी कार्रवाई हो सकती है।

परिवहन विभाग की कार्रवाई का सीधा असर बाइक टैक्सी सेवा लेने वाले यात्रियों पर भी पड़ सकता है। खासकर व्यस्त समय में बाइक राइड की उपलब्धता कम होने और किराए में बढ़ोतरी की स्थिति बन सकती है।

भोपाल में 10 हजार से ज्यादा बाइक टैक्सी चलने का दावा

राजधानी में Ola और Rapido जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए बड़ी संख्या में बाइक टैक्सी संचालित होने की बात सामने आ रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार भोपाल में करीब 10 हजार बाइक टैक्सी चलने का दावा किया जा रहा है।

इनमें कमर्शियल श्रेणी में पंजीकृत बाइक की संख्या काफी कम बताई जा रही है। RTO से जुड़े आंकड़ों के अनुसार करीब 200 से 300 बाइक ही कमर्शियल नंबर प्लेट के साथ पंजीकृत हैं।

ऐसे में निजी नंबर प्लेट वाली बाइक के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर परिवहन विभाग की निगरानी बढ़ सकती है।

निजी बाइक से सवारी ढोने पर नियमों का सवाल

बाइक टैक्सी सेवा में वाहन का व्यावसायिक उपयोग होता है। ऐसे में वाहन की श्रेणी, परमिट, फिटनेस, बीमा और अन्य जरूरी दस्तावेजों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

निजी यानी व्हाइट बोर्ड वाले वाहन का व्यावसायिक इस्तेमाल नियमों के दायरे में आता है। इसी वजह से परिवहन विभाग निजी बाइक से यात्रियों को ढोने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

हालांकि, किसी विशेष वाहन पर कार्रवाई से पहले संबंधित वाहन के दस्तावेज और नियमों के तहत उसकी स्थिति की जांच जरूरी होगी।

टैक्सी यूनियनों ने भी उठाया मुद्दा

बाइक टैक्सी के संचालन को लेकर कमर्शियल टैक्सी चालकों और यूनियनों की ओर से भी लंबे समय से सवाल उठाए जाते रहे हैं।

18 और 19 अगस्त को हुई टैक्सी हड़ताल के दौरान निजी नंबर प्लेट वाले वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया था।

कमर्शियल वाहन संचालकों का तर्क है कि वे वाहन संचालन के लिए परमिट, फिटनेस, बीमा और रोड टैक्स जैसी निर्धारित औपचारिकताएं पूरी करते हैं। दूसरी ओर निजी वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल से उनके कारोबार पर असर पड़ता है।

कमर्शियल वाहन चालकों की प्रमुख मांगें

टैक्सी यूनियनों की ओर से मुख्य रूप से इन मुद्दों को उठाया जा रहा है:

  1. कमर्शियल और निजी वाहनों के नियमों का समान रूप से पालन कराया जाए।
  2. बिना जरूरी अनुमति व्यावसायिक इस्तेमाल करने वाले वाहनों पर कार्रवाई हो।
  3. कमर्शियल वाहन चालकों के परमिट, फिटनेस, बीमा और टैक्स से जुड़ी लागत को ध्यान में रखा जाए।
  4. वैध रूप से टैक्सी संचालन करने वाले वाहन मालिकों के हितों की रक्षा की जाए।

यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?

यदि RTO निजी नंबर प्लेट वाली बाइक टैक्सियों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई करता है, तो भोपाल में बाइक टैक्सी की उपलब्धता घट सकती है।

इसका असर खासकर ऑफिस टाइम, कॉलेज जाने वाले छात्रों और कम दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ सकता है। पीक टाइम में राइड मिलने में ज्यादा समय लग सकता है। मांग बढ़ने पर ऐप आधारित किराए में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

दूसरी ओर कमर्शियल श्रेणी में पंजीकृत और आवश्यक नियमों का पालन करने वाली बाइक टैक्सी सेवाओं के संचालन पर ऐसी कार्रवाई का सीधा असर नहीं होना चाहिए।

RTO की कार्रवाई पर रहेगी नजर

भोपाल में बाइक टैक्सी के संचालन को लेकर परिवहन विभाग का अगला कदम महत्वपूर्ण होगा। यदि विभाग निजी नंबर प्लेट वाली बाइक के खिलाफ अभियान शुरू करता है, तो बड़ी संख्या में बाइक टैक्सी चालकों के प्रभावित होने की संभावना है।

फिलहाल यात्रियों और बाइक टैक्सी चालकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात वाहन की श्रेणी और जरूरी दस्तावेजों की स्थिति है। किसी भी वाहन को व्यावसायिक इस्तेमाल में लेने से पहले लागू परिवहन नियमों का पालन करना जरूरी है।

विदिशा भारती भोपाल और मध्यप्रदेश से जुड़ी खबरों की लगातार अपडेट उपलब्ध कराता रहेगा।


Share:

रिक्वायरमेंट

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your experience on this site will be improved by allowing cookies Cookie Policy