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मकान हड़पने के लिए रची थी खौफनाक साजिश,दो सगे भाई गिरफ्तार

17-07-2026  Vijay Sharma  17 views
मकान हड़पने के लिए रची थी खौफनाक साजिश,दो सगे भाई गिरफ्तार

विदिशा भारती डेस्क: भोपाल शहर के ऐशबाग इलाके में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। ओल्ड सुभाष नगर में हुए इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया था। संपत्ति को छलपूर्वक अपने नाम कराने के बाद उसे पूरी तरह हड़पने की नीयत से दो सगे भाइयों ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था। जोन 01 और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

क्या था पूरा मामला?

घटना का खुलासा तब हुआ जब ऐशबाग स्थित मकान क्रमांक बी-35/2 में रहने वाले हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला फिलेमोन के घर से संदिग्ध दुर्गंध आने लगी। दूसरी मंजिल पर रहने वाले किरायेदार ने तुरंत डायल-112 को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस को हेमंत और शकुंतला फिलेमोन अपने ही घर में मृत अवस्था में मिले। घटनास्थल पर मिले कारतूसों के खोखे और बुलेट ने यह स्पष्ट कर दिया था कि यह एक सोची-समझी हत्या थी।

1500 सीसीटीवी और वैज्ञानिक जांच से खुला राज

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नरेट ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा और विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। पुलिस टीम ने सुराग तलाशने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया। जांच का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस ने 1500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और 100 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल कॉल डिटेल (CDR) और वैज्ञानिक विश्लेषण के जरिए पुलिस आखिरकार उन आरोपियों तक पहुंच गई जिन्होंने पुलिस को बरगलाने की हर संभव कोशिश की थी।

दानपत्र (Gift Deed) का लालच बना हत्या की वजह

पूछताछ में यह चौकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी श्रीकांत चिचलिया (40) और शशीकांत चिचलिया (35) ने मृतक दंपत्ति के मकान को धोखाधड़ी कर अपने नाम ‘दान-पत्र’ (Gift Deed) के जरिए करवा लिया था। संपत्ति को हथियाने की हवस इतनी बढ़ गई कि उन्होंने दंपत्ति को रास्ते से हटाने के लिए ही इस दोहरे हत्याकांड की साजिश रच डाली।

आरोपियों का ब्यौरा:

श्रीकांत चिचलिया: उम्र 40 वर्ष, पेशा- प्रोपर्टी ब्रोकर।

शशीकांत चिचलिया: उम्र 35 वर्ष, पेशा- फिजियोथेरेपिस्ट छात्र।

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक ने आरोपियों पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। फिलहाल पुलिस मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है। जोन 01 और क्राइम ब्रांच की इस टीम ने अपनी तकनीकी दक्षता और अथक प्रयासों से कानून का राज स्थापित किया है।


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