आकाश धाकड़ विदिशा: क्या आप जानते हैं कि आपका बच्चा जिस स्कूल बस या वैन में सवार होकर स्कूल जा रहा है, वह वाकई सुरक्षित है? अक्सर जल्दबाजी और कुछ रुपये बचाने की होड़ में हम बच्चों की सुरक्षा से बड़ा समझौता कर बैठते हैं। लेकिन अब सिरोंज यातायात पुलिस ने इस लापरवाही के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। "मिशन सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सड़क" के तहत चलाए गए विशेष अभियान ने न केवल लापरवाह वाहन चालकों की नींद उड़ा दी है, बल्कि अभिभावकों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।
8 वाहनों पर कार्रवाई, 9 हजार का दंड
पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देशन में सिरोंज यातायात पुलिस ने क्षेत्र के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों, ईशान इंटरनेशनल स्कूल और संस्कार ग्रीन वैली स्कूल के सामने डेरा डाला। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और एसडीओपी सोनू डाबर के मार्गदर्शन में यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला की टीम ने स्कूल बसों, वैन और ऑटो की बारीकी से जांच की।
परिणाम स्वरूप, यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे 08 वाहनों पर मोटरयान अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की गई। इन वाहनों से ₹9,000 का जुर्माना वसूला गया। फिटनेस, परमिट, बीमा और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेजों के साथ-साथ वाहनों में सीसीटीवी कैमरे, फर्स्ट एड किट और अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता की भी गहन जांच की गई।
अभिभावकों के लिए सख्त चेतावनी
यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला ने अभिभावकों से सीधे संवाद करते हुए कहा, "कुछ रुपये की बचत आपके बच्चे की जान से कीमती नहीं हो सकती।" उन्होंने अपील की कि अभिभावक उन वाहनों का कतई उपयोग न करें जिनमें क्षमता से अधिक बच्चे भरे जाते हों या जिनके दस्तावेज अधूरे हों।
वाहन चालकों को 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देश
पुलिस ने स्कूल वाहन चालकों को कड़ी चेतावनी दी है:
वर्षाकालीन सुरक्षा: बारिश के मौसम को देखते हुए वाहनों में मजबूती और जलभराव से सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करें।
नशा मुक्त वाहन: बच्चों के सामने या ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ (गुटखा, तंबाकू, शराब) का सेवन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सड़क शिष्टाचार: निर्धारित गति सीमा का पालन करें और बच्चों को सड़क पार करने में सावधानी बरतें।
सड़क सुरक्षा की सरकारी योजनाओं का उठाएं लाभ
पुलिस ने केवल डंडा नहीं चलाया, बल्कि जागरूकता का प्रकाश भी फैलाया। दुर्घटना की स्थिति में शासन की सुरक्षा योजनाओं के बारे में बताया गया:
राह-वीर योजना: दुर्घटना में घायल को अस्पताल पहुँचाने वाले 'गुड सेमेरिटन' को कानूनी संरक्षण और सम्मान मिलेगा।
कैशलेस उपचार: 'गोल्डन ऑवर' के दौरान पीड़ितों को मिलेगा तत्काल मुफ्त इलाज।
हिट एंड रन प्रतिकर: अज्ञात वाहन से हुई दुर्घटना में पीड़ित या आश्रितों को शासन की ओर से मिलेगी आर्थिक सहायता।
बड़ा सवाल: क्या अन्य तहसीलों में जगेगा प्रशासन?
सिरोंज में हुई इस धुआंधार कार्रवाई ने पूरे जिले में हलचल मचा दी है। अब विदिशा जिले की अन्य तहसीलों के अभिभावकों के मन में यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या वहां की पुलिस भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर इतनी सक्रियता दिखाएगी? क्या अन्य क्षेत्रों में संचालित अवैध स्कूली वाहनों पर भी 'मिशन सुरक्षित बचपन' का डंडा चलेगा?
पुलिस का स्पष्ट कहना है कि उनका उद्देश्य चालान काटना नहीं, बल्कि हर बच्चे को सुरक्षित स्कूल पहुँचाना और सकुशल घर वापस लाना है। अब देखना यह है कि यह अभियान एक औपचारिकता बनकर रह जाता है या इसे पूरे जिले में एक मुहिम के रूप में विस्तारित किया जाएगा।
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