विदिशा भारती डेस्क: मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने न केवल ग्रामीणों को बल्कि प्रशासन और विज्ञान के जानकारों को भी पसीने में डाल दिया है। ग्वालियर से करीब 30 किमी दूर अंतरी गांव में एक ऐसा 'अजब-गजब' सिलसिला चल रहा है, जिसे देखकर आप भी दंग रह जाएंगे। यहाँ एक ही परिवार के पांच भाइयों के घरों में अचानक आग लग रही है। न किसी ने माचिस जलाई, न कोई शॉर्ट सर्किट दिखा, फिर भी सामान धूं-धूं कर जल उठता है।
पड़ोसी के घर भी नहीं बची सामान की जान
मामला बघेल परिवार के पांच भाइयों—कल्याण सिंह, सेवाराम, कामता प्रसाद, महेंद्र और लाखीराम का है। शुरुआत में जब उनके घरों में आग लगी, तो उन्होंने सोचा कि शायद ये कोई हादसा होगा। अपना कीमती सामान बचाने के लिए उन्होंने उसे पड़ोसी के घर में रखवा दिया। लेकिन जो हुआ, उसने सबको हिलाकर रख दिया! पड़ोसियों के घर में रखा सामान भी अचानक आग की लपटों में घिर गया और देखते ही देखते राख हो गया। यह घटना अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
ओझा-तांत्रिकों की फौज भी हारी
जब आग का यह रहस्य सुलझा नहीं, तो ग्रामीणों ने इसे 'ऊपरी चक्कर' या 'प्रेतबाधा' का नाम दे दिया। देखते ही देखते गांव में तांत्रिकों और ओझाओं का जमावड़ा लग गया। घंटों पूजा-पाठ, मंत्रोच्चार और टोने-टोटके किए गए। दावा किया गया कि इस 'अदृश्य आग' को शांत कर दिया जाएगा, लेकिन हकीकत यह रही कि तांत्रिकों की तमाम तरकीबें भी इस आग को रोकने में नाकाम रहीं। परिवार अब खौफ के साये में है। दहशत इतनी है कि पांचों भाइयों ने अपने घर छोड़ दिए हैं और अब वे खुले आसमान के नीचे या पड़ोसियों के भरोसे दिन काटने को मजबूर हैं।
प्रशासन ने ली एंट्री, क्या है वैज्ञानिक कारण?
झाड़-फूंक से बात नहीं बनी तो अब स्थानीय प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने ग्रामीणों को अंधविश्वास से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यह कोई चमत्कार नहीं, बल्कि विज्ञान का कोई उलझा हुआ पहलू हो सकता है। फिलहाल प्रशासन ने इन बिंदुओं पर जांच तेज कर दी है:
भूमिगत गैस (Underground Gas): क्या घर की जमीन के नीचे कोई ऐसी गैस रिस रही है जो आग पकड़ रही है?
केमिकल रिएक्शन: क्या घर की दीवारों या जमीन में कोई ऐसा केमिकल है जो हवा के संपर्क में आते ही आग पैदा कर रहा है?
इलेक्ट्रिकल फॉल्ट: क्या कोई छिपी हुई वायरिंग है जिसे अभी तक कोई देख नहीं पाया है?
प्रशासन का भरोसा
प्रशासन ने पीड़ित बघेल परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। फिलहाल गांव में पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। साथ ही, वैज्ञानिकों की एक टीम को बुलाने की तैयारी है ताकि इस 'रहस्यमयी आग' का पर्दाफाश हो सके।
ग्वालियर की इस घटना ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया है। क्या यह वाकई कोई वैज्ञानिक कारण है या फिर कुदरत का कोई ऐसा खेल जिसे हम अभी समझ नहीं पा रहे? फिलहाल, अंतरी गांव में दहशत और जिज्ञासा का माहौल है और हर कोई बस यही जानना चाहता है कि आखिर ये आग लग कहां से रही है!
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