Vidisha Bharti

Header
collapse
...
Home / विदिशा समाचार / विदिशा में बड़ा एक्शन: सिरोंज की तीन गैस एजेंसियों पर प्रशासन का छापा,मिली भारी अनियमितताएं

विदिशा में बड़ा एक्शन: सिरोंज की तीन गैस एजेंसियों पर प्रशासन का छापा,मिली भारी अनियमितताएं

27-07-2026  Vidisha Raghvendra dangi  14 views
विदिशा में बड़ा एक्शन: सिरोंज की तीन गैस एजेंसियों पर प्रशासन का छापा,मिली भारी अनियमितताएं

विदिशा भारती डेस्क: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के सिरोंज अनुभाग में प्रशासनिक अमले ने एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। घरेलू गैस उपभोक्ताओं की सुरक्षा और पारदर्शिता को ताक पर रखकर मनमानी कर रही गैस एजेंसियों पर जिला प्रशासन का हंटर चला है। अचानक हुई इस कार्रवाई से गैस एजेंसियों में भारी हड़कंप मच गया है, और जांच के दौरान सामने आए खुलासे बेहद चौंकाने वाले हैं।

संयुक्त टीम ने मारा औचक छापा

जिला प्रशासन के सख्त निर्देशों के बाद सिरोंज अनुभाग में संचालित घरेलू गैस एजेंसियों के खिलाफ ताबड़तोड़ सघन जांच अभियान चलाया गया। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व एसडीएम ओमनारायण बड़कुल ने किया। उनके साथ कार्यपालिक मजिस्ट्रेट दोजीराम अहिरवार, सहायक आपूर्ति अधिकारी प्रकाश यादव, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सत्यपाल सिंह जादौन, राजस्व अमला और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने एक साथ मिलकर एजेंसियों पर धावा बोला।

टीम ने क्षेत्र की तीन प्रमुख गैस एजेंसियों— प्रिंसी भारत मुगलसराय ग्रामीण वितरक गैस एजेंसी, बामोरीशाला इंडेन ग्रामीण वितरक गैस एजेंसी और हीरा गैस एजेंसी सिरोंज—के कार्यालयों और गोदामों की चप्पे-चप्पे पर जाकर बारीकी से जांच की।

गोदामों में मिलीं गंभीर गड़बड़ियां और सुरक्षा में भारी चूक

निरीक्षण के दौरान तीनों गैस एजेंसियों की पोल खुल गई। जांच दल को मौके पर एक के बाद एक कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं, जिन्हें देखकर अधिकारी भी दंग रह गए:

स्टॉक और डिस्प्ले में लापरवाही: एजेंसियों के पास स्टॉक संबंधी भारी गड़बड़ियां पाई गईं। आवश्यक सूचनाओं को प्रदर्शित करने वाला डिस्प्ले बोर्ड तक गायब मिला।

गायब मिले टोल-फ्री नंबर: उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए जरूरी बैलेंस शीट और टोल-फ्री नंबर की जानकारी ग्राहकों के लिए प्रदर्शित नहीं की जा रही थी।

पहचान और वाहनों का संकट: कर्मचारियों की पहचान संबंधी व्यवस्था का घोर अभाव मिला। इसके अलावा सर्विस वाहनों की स्पष्ट पहचान नहीं थी और उनका विधिवत सत्यापन भी नहीं कराया गया था।

अव्यवस्थित रिकॉर्ड: गैस एजेंसियों के अभिलेख पूरी तरह से अस्त-व्यस्त और अव्यवस्थित ढंग से संधारित किए जा रहे थे।

अग्नि सुरक्षा मानकों की उड़ी धज्जियां और अवैध रिफिलिंग का खेल

सबसे खतरनाक पहलू गैस गोदामों के निरीक्षण के दौरान सामने आया। जांच दल ने पाया कि गोदामों के डायवर्सन और अग्नि सुरक्षा यानी फायर सेफ्टी के मानकों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा था। सुरक्षा संबंधी पुख्ता इंतजामों का साफ तौर पर अभाव था।

सबसे बड़ा और चौंकाने वाला मामला अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का पकड़ा गया, जो आम जनता की जान से सीधा खिलवाड़ है। गैस वितरण प्रणाली से जुड़े शासन के नियमों और दिशा-निर्देशों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।

अब होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई

निरीक्षण के दौरान गैस एजेंसियों के प्रोपराइटर और प्रबंधकों से गैस वितरण व्यवस्था, अनुज्ञप्तियों और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जानकारी तलब की गई। जांच दल द्वारा पकड़ी गई इन गंभीर अनियमितताओं को आधार बनाते हुए अब संबंधित गैस एजेंसियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955, मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 और अन्य प्रासंगिक नियमों के तहत सख्त कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह जांच प्रतिवेदन अंतिम और कड़ी कार्रवाई के लिए वरिष्ठ कार्यालय को भेजा जा रहा है। आम उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा, गैस वितरण में पूरी पारदर्शिता और शासन के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए सिरोंज और पूरे विदिशा जिले में ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे। इस सख्त कार्रवाई से गैस माफियाओं और लापरवाह एजेंसियों में खलबली मची हुई है।


Share:

रिक्वायरमेंट

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your experience on this site will be improved by allowing cookies Cookie Policy