नरसिंहपुर | विदिशा भारती न्यूज डेस्क
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला राजनीतिक और आपराधिक घटनाक्रम सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। 19 जुलाई को सुआतला थाना क्षेत्र के हांथीनाला (इंद्रानगर) के पास राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर 5 युवकों की दर्दनाक मौत का मामला कोई मामूली सड़क हादसा नहीं, बल्कि बेहद क्रूर और सोची-समझी 'सुपारी किलिंग' (हत्या) की वारदात निकली!
पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए जबलपुर निवासी मुख्य षड्यंत्रकारी डॉक्टर समेत सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे खूनी खेल का पर्दाफाश सड़क पर पड़े अंग्रेजी अक्षर 'A' के एक छोटे से टूटे हुए मोनोग्राम से हुआ।
19 जुलाई की वो भयानक रात: जब डंपर ने रौंद डाली जिंदगी
दरअसल, 19 जुलाई 2026 को इंद्रानगर के पास नेशनल हाईवे के किनारे खड़े 6-7 लोगों को एक तेज रफ्तार हाईवा डंपर ने बड़ी बेरहमी से कुचल दिया था। इस दिल दहला देने वाली घटना में राजेंद्र पटेल की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल युवकों ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
शुरुआत में तो यह मामला तेज रफ्तार की वजह से हुआ हिट-एंड-रन एक्सीडेंट लग रहा था, लेकिन जब पुलिस ने घटनास्थल का बारीक मुआयना किया, तो उन्हें एक धातु का टुकड़ा मिला। यह किसी वाहन का टूटा हुआ अंग्रेजी अक्षर 'A' था। बस इसी छोटे से सुराग ने पूरी कहानी का रुख मोड़ दिया।
'A' का सुराग, 24 घंटे की सर्चिंग और जंगल में मिला कातिल डंपर
एसपी डॉ. ऋषिकेश मीणा के निर्देशन में पुलिस टीमों ने तुरंत काम शुरू किया। प्राथमिक जांच में अनुमान लगाया गया कि यह मोनोग्राम टाटा (TATA) कंपनी के वाहन का हो सकता है। इसके बाद पुलिस ने शाहपुरा (जबलपुर) से लेकर पूरे राजमार्ग के सैकड़ों सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली।
कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस जब हीरापुर-बंदरोहा के घने जंगलों में पहुँची, तो वहाँ झाड़ियों के पीछे छुपाकर रखा गया खूनी हाईवा डंपर बरामद हो गया। डंपर मिलते ही एक्सीडेंट की थ्योरी पूरी तरह ध्वस्त हो गई और मर्डर मिस्ट्री की परतें खुलने लगीं।
दो डंपर, लोकेशन ट्रैकिंग और पुरानी रंजिश का खूनी खेल
हिरासत में लिए गए संदेही राजा पटेल से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो रंजिश की ऐसी साजिश सामने आई जिसे सुनकर खाकी भी हैरान रह गई:
पुरानी दुश्मनी: मृतक राजेंद्र पटेल और जबलपुर के मुख्य आरोपी आनंद पटेल (लोधी) के बीच लंबे समय से पुरानी रंजिश चली आ रही थी।
फुलप्रूफ प्लानिंग: आनंद पटेल ने राजेंद्र का काम खत्म करने के लिए बाकायदा रेकी की रणनीति बनाई।
दोनों तरफ से घेराबंदी: साजिश के तहत हाईवे पर दो डंपरों की तैनाती की गई थी—एक भोपाल जाने वाली लेन पर और दूसरा जबलपुर वाली लेन पर! मकसद साफ था कि राजेंद्र जिस रास्ते भी निकले, उसे जिंदा न छोड़ा जाए।
मर्डर का इशारा: जैसे ही रेकी कर रहे राजा पटेल ने लोकेशन दी, दूसरे डंपर ने खड़े युवकों को सीधी टक्कर मारकर कुचल दिया।
जंगलों में चला रातभर सर्च ऑपरेशन: डॉक्टर समेत 8 गिरफ्तार
साजिश का खुलासा होते ही आरोपी जंगलों की ओर भाग निकले। सुआतला पुलिस और स्पेशल टीमों ने रातभर घने जंगलों में कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाकर सभी मुख्य आरोपियों को धर दबोचा:
आनंद पटेल (लोधी): मुख्य षड्यंत्रकारी व कत्ल का मास्टरमाइंड (जबलपुर निवासी डॉक्टर)।
अनुज पटेल: वारदात के वक्त डंपर में मौजूद सहयोगी।
राजा पटेल: मृतक की पल-पल की लोकेशन देने वाला।
अरविंद पटेल: जानकारी जुटाने वाला प्रमुख मुखबिर।
भरत पटेल: लोकेशन ट्रेसिंग में मदद करने वाला।
अनिल पटेल: कत्ल के बाद आरोपियों को पनाह देने वाला।
नरेंद्र ठाकुर: आरोपियों का मददगार व शरणदाता।
अमित खरे: हत्या को 'हादसा' साबित करने की सलाह देने और सबूत मिटाने वाला।
थार, फॉर्च्यूनर और डंपर जब्त: पुलिस टीम की बड़ी सफलता
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हाईवा डंपर, काले रंग की महिंद्रा थार, सफेद टोयोटा फॉर्च्यूनर और वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन विधिवत जब्त कर लिए हैं। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं 105, 109(1), 103, 61(2)(क) और 249 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसडीओपी तेन्दूखेड़ा अभिनव मिश्रा, एसडीओपी नरसिंहपुर मनोज गुप्ता और स्थानीय पुलिस टीम की इस तत्परता की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।
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