पांढुर्णा। विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेले को लेकर पांढुर्णा में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। कल शुक्रवार को जाम नदी के तट पर एक बार फिर परंपरा और आस्था से जुड़ा गोटमार खेल आयोजित किया जाएगा। इस दौरान पांढुर्णा और सावरगांव पक्ष के लोग आमने-सामने होंगे और एक-दूसरे पर पत्थर बरसाए जाएंगे। इस अनोखे लेकिन खतरनाक आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
गोटमार मेले का इतिहास वर्षों पुराना है, लेकिन इसके साथ जुड़ी हिंसक घटनाओं के कारण यह आयोजन हमेशा चर्चा में रहता है। अब तक इस खेल में 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके कारण कई परिवारों के लिए यह परंपरा दर्द भरी यादें भी छोड़ गई है। किसी ने पिता खोया तो किसी ने अपना भाई। कई परिवार आज भी उन हादसों के जख्मों को भूल नहीं पाए हैं।
मौत का मंजर नहीं भूले परिवार, अपनों को खोने का दर्द कायम
गोटमार में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए यह दिन शोक और पीड़ा से भरा रहता है। एक महिला ने दर्द बयां करते हुए कहा कि बेटे की पढ़ाई तक प्रभावित हो गई, क्योंकि परिवार का सहारा छिन गया। वहीं एक बेटे ने बताया कि पिता का साया सिर से उठने के बाद जिंदगी पूरी तरह बदल गई।
इन परिवारों की पीड़ा इस बात की याद दिलाती है कि परंपरा और उत्साह के बीच सुरक्षा सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। प्रशासन हर साल इस आयोजन को सुरक्षित बनाने के लिए विशेष इंतजाम करता है।
जाम नदी के बीच गाड़ा जाएगा पलाश का पेड़
गोटमार खेल की शुरुआत उस पलाश के पेड़ से जुड़ी है, जिसे विशेष रूप से लाया गया है। शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे जाम नदी के बीच इस पेड़ को गाड़ा जाएगा। इसके बाद पांढुर्णा पक्ष के लोग पत्थर बरसाकर पेड़ को काटने का प्रयास करेंगे, जबकि सावरगांव पक्ष के लोग उसे बचाने की कोशिश करेंगे।
इसी परंपरा के चलते दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी होती है, जिसे देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी लोग पहुंचते हैं। आयोजन के दौरान चंडी माता के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठेगा।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह तैयार
गोटमार मेले को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। घायलों के तत्काल इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्थाई मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। दोनों पक्षों की ओर प्राथमिक उपचार की व्यवस्था के लिए चार स्थानों पर चिकित्सा केंद्र बनाए जाएंगे।
प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ, पुलिस अधीक्षक प्रकाश चंद्र परिहार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनकामना प्रसाद, अपर कलेक्टर ज्योति ठाकुर, एसडीएम पांढुर्णा अलका एक्का सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाओं, भीड़ नियंत्रण और आयोजन स्थल की तैयारियों का जायजा लिया। पुलिस और प्रशासन की टीम पूरे आयोजन पर नजर रखेगी।
आस्था, परंपरा और चुनौती का संगम
पांढुर्णा का गोटमार मेला देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है। जहां एक ओर लोग इसे वर्षों पुरानी परंपरा और आस्था से जोड़ते हैं, वहीं दूसरी ओर इसमें होने वाली चोटों और हादसों को लेकर चिंता भी बनी रहती है।
हर साल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही रहती है कि परंपरा को कायम रखते हुए लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस बार भी अधिकारियों ने लोगों से सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
कल होने वाले इस आयोजन को लेकर पांढुर्णा में उत्साह और चिंता दोनों दिखाई दे रही हैं। जहां हजारों लोग इस ऐतिहासिक परंपरा के गवाह बनने पहुंचेंगे, वहीं प्रशासन की नजर हर गतिविधि पर रहेगी ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
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