वसीम कुरेशी रायसेन/सांची। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी सांची में प्रस्तावित फोरलेन सड़क निर्माण को लेकर नागरिकों और व्यापारियों में असंतोष दिखाई दे रहा है। सांची के समस्त नागरिकों एवं व्यापारी बंधुओं ने प्रस्तावित फोरलेन के निर्माण के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार, सांची को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि सड़क निर्माण के लिए शासन द्वारा जारी किए गए प्रस्तावित नक्शे पर पुनर्विचार किया जाए।
नागरिकों का कहना है कि शासन द्वारा जारी किए गए गूगल मैप में सांची शहर की जिस ओर दुकानें और बस्ती स्थित हैं, उसी तरफ नवीन फोरलेन सड़क का निर्माण दर्शाया गया है। यदि इसी प्रस्ताव के अनुसार सड़क का निर्माण किया गया तो बड़ी संख्या में दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान और आबादी प्रभावित होने की आशंका है।
फोरलेन के नक्शे पर जताई आपत्ति
ज्ञापन सौंपने पहुंचे नागरिकों और व्यापारियों ने कहा कि सांची के विकास के लिए बेहतर सड़क और यातायात व्यवस्था जरूरी है, लेकिन विकास की योजना ऐसी होनी चाहिए जिससे स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और शहर की मौजूदा बस्ती को अनावश्यक नुकसान न हो।
सांची बचाओ संघर्ष समिति सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और व्यापारियों ने प्रस्तावित सड़क के एलाइनमेंट पर आपत्ति जताते हुए शासन से मांग की है कि फोरलेन निर्माण के लिए वैकल्पिक मार्ग और व्यावहारिक विकल्पों पर भी विचार किया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सांची एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल होने के साथ-साथ स्थानीय व्यापार का भी प्रमुख केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान सड़क किनारे संचालित होते हैं। ऐसे में यदि सड़क का निर्माण मौजूदा बस्ती और बाजार की ओर किया जाता है तो इसका सीधा असर लोगों की रोजी-रोटी और वर्षों से स्थापित व्यापार पर पड़ सकता है।
'विकास का विरोध नहीं, गलत एलाइनमेंट का विरोध'
ज्ञापन देने वालों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य विकास कार्यों का विरोध करना नहीं है। वे सांची में बेहतर सड़क, यातायात और पर्यटन सुविधाओं के पक्ष में हैं, लेकिन सड़क निर्माण की योजना ऐसी होनी चाहिए जिसमें स्थानीय हितों का भी ध्यान रखा जाए।
नागरिकों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रस्तावित फोरलेन के नक्शे और एलाइनमेंट की दोबारा समीक्षा कराई जाए तथा स्थानीय नागरिकों एवं व्यापारियों से चर्चा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाए।
सांची बचाओ संघर्ष समिति ने उठाई आवाज
फोरलेन के प्रस्तावित निर्माण के विरोध में सांची बचाओ संघर्ष समिति भी सक्रिय रूप से सामने आई है। समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने नागरिकों एवं व्यापारियों के साथ मिलकर ज्ञापन सौंपते हुए शासन से समस्या का समाधान निकालने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने वालों में सांची बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र जाट, सचिव सत्येंद्र सोनी, प्रवक्ता राज बहादुर सिंह राणा, मीडिया प्रभारी लालाराम साहू, उपाध्यक्ष अमित जोशी, प्रदीप जायसवाल, संजय जायसवाल, अजय जाट, ईश्वरदीन वर्मा, अजय पांडे, योगेश साहू, कृपाल सिंह राजपूत, विनोद पटेल, पार्षद राजकुमार वर्मा, पार्षद वटी मेहरा, सहसचिव संजय दुबे, भीकम चिढार और राजकिशोर पटेल सहित अनेक नागरिक एवं व्यापारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
शासन से पुनर्विचार की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सांची के विकास के साथ-साथ यहां रहने वाले लोगों के हितों की रक्षा भी जरूरी है। इसलिए शासन को फोरलेन के प्रस्तावित मार्ग का सर्वे कराकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सड़क निर्माण से कम से कम आबादी और व्यापार प्रभावित हो।
ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि सांची फोरलेन के प्रस्तावित एलाइनमेंट पर पुनर्विचार कर स्थानीय लोगों की आपत्तियों को गंभीरता से लिया जाए। साथ ही सड़क निर्माण की योजना को अंतिम रूप देने से पहले जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और नागरिकों के साथ संवाद किया जाए।
अब देखना होगा कि स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों की इस मांग पर शासन और प्रशासन की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है। फिलहाल फोरलेन के प्रस्तावित मार्ग को लेकर सांची में विरोध के स्वर तेज होते नजर आ रहे हैं।
Leave a comment
Your email address will not be published. Required fields are marked *