भोपाल। मध्यप्रदेश में भाजपा की राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति को लेकर मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित कोर ग्रुप की बैठक में कई अहम मुद्दों पर मंथन हुआ। बैठक में राज्यसभा की एक सीट के लिए संभावित उम्मीदवारों का पैनल तैयार करने, प्रदेश के प्रमुख शहरों में बड़ी रैलियां आयोजित करने, केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच ले जाने जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक में सामने आई जानकारी के मुताबिक, राज्यसभा की एक सीट के लिए चार से पांच नामों का पैनल तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजने की तैयारी है। इसके साथ ही भोपाल, इंदौर और जबलपुर में बड़े कार्यक्रम आयोजित करने तथा ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत एक लाख लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखने पर भी चर्चा हुई।
राज्यसभा सीट के लिए चार-पांच नामों का पैनल
बैठक का एक प्रमुख मुद्दा राज्यसभा की एक सीट के लिए संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार करना रहा। जानकारी के अनुसार, इसके लिए चार से पांच नामों का पैनल तैयार किया जाएगा। इस पैनल को केंद्रीय नेतृत्व के पास भेजा जाएगा, जहां अंतिम नाम पर फैसला लिया जाएगा।
राज्यसभा उम्मीदवार के चयन को लेकर भाजपा में प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, बैठक में किन नामों पर विचार हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में संभावित उम्मीदवारों को लेकर फिलहाल अटकलों से बचना जरूरी है।
तीन बड़े शहरों में रैली, एक लाख लोगों की भागीदारी का लक्ष्य
भाजपा प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियों को तेज करने की तैयारी में भी नजर आ रही है। बैठक में भोपाल, इंदौर और जबलपुर में बड़ी रैलियां आयोजित करने पर चर्चा हुई। ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत एक लाख लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना पर विचार किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से पार्टी अपने राजनीतिक मुद्दों और अभियान को प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है।
हालांकि, रैलियों की तारीख, स्थान और आयोजन की विस्तृत रूपरेखा की घोषणा होने के बाद ही कार्यक्रमों की स्थिति स्पष्ट होगी।
केंद्र की योजनाओं के लिए मंत्रियों के नेतृत्व में बनेगी विशेष टीम
बैठक में केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था बनाने पर भी चर्चा हुई। इसके तहत मंत्रियों के नेतृत्व में टीमें गठित करने का विचार सामने आया है।
साथ ही केंद्र सरकार के प्रत्येक मंत्रालय से एक सांसद को जोड़ने की व्यवस्था पर भी मंथन किया गया। इसका उद्देश्य केंद्र की योजनाओं और उनके क्रियान्वयन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना बताया जा रहा है।
यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो संबंधित जनप्रतिनिधियों की भूमिका योजनाओं की जानकारी, निगरानी और पात्र लोगों तक लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, टीमों की संरचना और उनकी जिम्मेदारियों का अंतिम विवरण अभी सामने आना बाकी है।
खड़गे की टिप्पणी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित टिप्पणी का मुद्दा भी उठा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले में निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
राजनीतिक बयानबाजी को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच पहले भी कई मुद्दों पर टकराव देखने को मिला है। इस प्रस्ताव के जरिए भाजपा ने टिप्पणी पर अपना विरोध दर्ज कराया है। टिप्पणी का पूरा संदर्भ और निंदा प्रस्ताव का आधिकारिक पाठ सामने आने पर मामले की विस्तृत तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
समान नागरिक संहिता पर भी मंथन
बैठक में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श किया गया। यह विषय देश में लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी बहस का हिस्सा रहा है।
मध्यप्रदेश में इस मुद्दे को लेकर आगे क्या रणनीति अपनाई जाएगी और क्या कोई औपचारिक पहल की जाएगी, इस संबंध में अभी कोई अंतिम निर्णय सार्वजनिक नहीं हुआ है। फिलहाल इसे बैठक में चर्चा के लिए उठाए गए विषय के रूप में देखा जाना चाहिए।
मोहन यादव सरकार की तीन साल की उपलब्धियां जनता तक पहुंचाने की तैयारी
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार की तीन साल की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। पार्टी सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों को आम लोगों के सामने रखने की तैयारी कर रही है।
इसके साथ मंत्रियों, विधायकों और सांसदों के कामकाज की जानकारी सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी मंथन हुआ। ऐसा पोर्टल तैयार होने पर जनप्रतिनिधियों के कार्यों और उनकी गतिविधियों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने का माध्यम बन सकता है।
हालांकि, पोर्टल की शुरुआत, उसमें शामिल किए जाने वाले विवरण और नियमित अपडेट की व्यवस्था को लेकर अंतिम जानकारी सामने आना बाकी है।
बिरसा मुंडा जयंती कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा
15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी बैठक में विचार किया गया। बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में प्रदेश में होने वाले कार्यक्रमों के आयोजन और उनकी तैयारियों को लेकर चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री निवास पर हुई भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में संगठनात्मक फैसलों, राजनीतिक अभियानों, राज्यसभा उम्मीदवार चयन और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने जैसे कई विषयों पर मंथन हुआ। अब इन चर्चाओं में से किन प्रस्तावों को औपचारिक रूप दिया जाता है, इस पर पार्टी के अगले कदमों की नजर रहेगी।
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