विदिशा भारती डेस्क: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में अपराधियों और ड्रग्स माफियाओं की अब खैर नहीं है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के सख्त निर्देशों और पुलिस अधीक्षक विदिशा रोहित काशवानी के कुशल मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे बहुचर्चित अभियान "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" के तहत विदिशा पुलिस ने एक और धमाकेदार सफलता हासिल की है। थाना कोतवाली पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 10 लाख रुपये मूल्य की 80 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर के साथ दो शातिर तस्करों को धर दबोचा है। इस बड़ी कार्रवाई से जिले के अवैध मादक पदार्थों के कारोबारियों में भारी हड़कंप मच गया है।
रात के अंधेरे में पुलिस की मुस्तैदी और तस्करों की घेराबंदी
मुखबिर तंत्र और त्वरित कार्यशैली का बेहतरीन परिचय देते हुए थाना कोतवाली पुलिस की टीम रात्रि गश्त पर थी। इसी दौरान रामलिला मैदान के पीछे स्थित गेट के पास जब संदिग्ध अवस्था में दो व्यक्ति पुलिस वाहन को देखकर हड़बड़ाकर भागने लगे, तो पुलिसकर्मियों का शक गहरा गया। पुलिस टीम ने बिना एक पल गंवाए अपनी तत्परता का परिचय दिया और फौरन चारों तरफ से घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया। जब उनकी बारीकी से तलाशी ली गई, तो उनके कब्जे से कुल 80 ग्राम अवैध मादक पदार्थ ब्राउन शुगर बरामद हुई। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत तुरंत इसे विधिवत जप्त कर लिया।
यह सनसनीखेज कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका तिवारी और नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह के कड़े नेतृत्व एवं कुशल निर्देशन में सफलतापूर्वक अंजाम दी गई। पुलिस अब यह गहराई से खंगालने में जुटी है कि यह जहरीला पदार्थ कहां से आया था और इसे किसे सप्लाई किया जाना था।
अंतरराज्यीय तस्करों के नेटवर्क का खुलासा
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान दोनों तस्करों ने नशे के इस अवैध कारोबार से जुड़े कई अन्य अहम और सनसनीखेज खुलासे किए हैं। पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपियों का विवरण इस प्रकार है:
मोहन तंवर: पिता गोरेलाल तंवर, उम्र 28 वर्ष, निवासी मौआखोह, थाना इकलेरा, जिला झालावाड़ (राजस्थान)।
राजेश तंवर: पिता प्रताप मेहताब सिंह तंवर, उम्र 25 वर्ष, निवासी जेतपुरा, थाना कोतवाली, जिला राजगढ़।
ये दोनों आरोपी सीमावर्ती राज्यों से विदिशा और मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में युवाओं को बर्बाद करने के लिए नशे की यह खेप लेकर पहुंचे थे। पुलिस ने थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 468/2026 के तहत धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट का गंभीर मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है। पुलिस अब न्यायालय से रिमांड प्राप्त कर इनसे ब्राउन शुगर के क्रय-विक्रय, आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) और इस नेटवर्क में जुड़े अन्य बड़े चेहरों के संबंध में विस्तृत और कड़ी पूछताछ करेगी।
नशे के कारोबारियों को पुलिस की दो टूक चेतावनी
विदिशा पुलिस ने स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी अपराधी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के तहत जिले से ड्रग्स के इस नासूर को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए पुलिस का कड़ा पहरा और निरंतर ताबड़तोड़ कार्रवाई आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगी। युवा पीढ़ी को बर्बादी से बचाने के लिए पुलिस का यह अभियान लगातार जारी है।
इन कर्मठ पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका
इस जटिल और जोखिम भरे ऑपरेशन को सफलता के मुकाम तक पहुँचाने में थाना प्रभारी आनंद राज के साथ उप निरीक्षक रितेश नागर, सहायक उप निरीक्षक मुकेश ठाकुर, प्रधान आरक्षक महेंद्र गौड़, आरक्षक भूपेंद्र कुर्मी, राघवेंद्र सिकरवार, शिशुपाल सिंह दांगी, जयदेव सिंह लोधी, गजराज सिंह और निलेश धाकड़ की टीम ने अपनी जान की परवाह किए बिना उत्कृष्ट एवं सराहनीय भूमिका निभाई है।
विदिशा पुलिस की आमजन से विशेष अपील
विदिशा पुलिस आमजन, अभिभावकों और जागरूक नागरिकों से अपील करती है कि वे इस सामाजिक और जनहित की लड़ाई में पुलिस का मजबूत सहयोग करें। यदि आपके आस-पास या किसी भी क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत बेझिझक स्थानीय पुलिस को दें।
सूचना देने के लिए तुरंत संपर्क करें:
नशे की शिकायत हेतु विशेष हेल्पलाइन नंबर: 7587637635
आपातकालीन सहायता नंबर: डायल-112
सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह से सुरक्षित और गोपनीय रखी जाएगी। एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशा मुक्त समाज के निर्माण में हर नागरिक की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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