राजगढ़ जिले के पचोर सारंगपुर मार्ग पर सोमवार सुबह दर्दनाक हादसा हुआ। पढ़ाना कस्बे के पास झिरी नाले में एक ईको वैन तेज बहाव में बह गई। वैन में एक ही परिवार के 11 लोग सवार थे। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई। दो लोग किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल आए। मृतकों के शव सारंगपुर लाए गए हैं। प्रशासन और रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया।
3:30 बजे निकले थे सफर पर
हादसे का शिकार परिवार देवास जिले की सतवास तहसील के धांसड़ गांव का निवासी था। परिवार बंजारा समाज से जुड़ा था। ये लोग सोमवार तड़के करीब 3:30 बजे सतवास से कड़लावद गांव के लिए रवाना हुए थे।
वैन में चार बच्चों समेत 11 लोग मौजूद थे। कुछ ही घंटों में परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। 9 सदस्यों की जान चली गई।
अधूरा पुल और बिना रेलिंग की सड़क
हादसा उस स्थान पर हुआ जहां 30 फीट लंबा पुल निर्माणाधीन है। लगातार बारिश से झिरी नाले का पानी पुल के ऊपर से बह रहा था।
पुल अधूरा था। सड़क पर सुरक्षा रेलिंग और चेतावनी बोर्ड नहीं थे। वाहन पानी के तेज बहाव में फंसकर सीधे नाले में जा गिरा।
प्रत्यक्षदर्शी की चेतावनी को किया नजरअंदाज
प्रत्यक्षदर्शी महेंद्र परमार ने चालक को रोकने का प्रयास किया था। उन्होंने चालक को आगे घुटनों तक पानी होने की चेतावनी दी थी।
चेतावनी के बाद भी वाहन आगे बढ़ गया। रेलिंग न होने से वैन सीधे गहरे नाले में उतर गई। वाहन सतवास के धांसड़ निवासी मुकेश सिंह चौहान के नाम पर दर्ज था। वही गाड़ी चला रहे थे।
क्रेन से निकली कार, अंदर नहीं मिले शव
घटना के बाद प्रशासन ने क्रेन की मदद से ईको वैन को बाहर निकाला। गाड़ी के अंदर कोई शव नहीं मिला। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने नाले में तलाश तेज की।
एसडीएम रोहित बम्होरे और एसडीओपी अरविंद सिंह प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर तैनात रहे।
धांसड़ गांव में पसरा सन्नाटा
हादसे की जानकारी मिलते ही धांसड़ गांव में शोक की लहर दौड़ गई। स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक के बड़े भाई ने बताया कि परिवार तड़के 3:30 बजे निकला था। मृतक विशाल चौहान ऑटो पार्ट्स की दुकान चलाते थे। उनके पिता भी काम में हाथ बटाते थे।
नर्मदा किनारे एक साथ होगा अंतिम संस्कार
ग्रामीणों ने बताया कि मृतकों का अंतिम संस्कार मंगलवार सुबह अतस्टी-कीट्टी गांव में नर्मदा किनारे किया जाएगा।
एक ही परिवार के नौ सदस्यों की एक साथ विदाई से पूरा क्षेत्र स्तब्ध है।
4-4 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान
बागली विधायक मुरली भंवरा धांसड़ गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिलकर शोक जताया।
विधायक ने बताया कि मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। अंतिम संस्कार के लिए 5-5 हजार रुपये दिए जाएंगे। मंत्री गौतम टेटवाल अस्पताल पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री को घटना से अवगत करा दिया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस हादसे ने शासन और प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है:
निर्माणाधीन पुल पर वाहनों को रोकने के लिए बैरिकेड्स क्यों नहीं थे?
उफनते नाले के पास चेतावनी बोर्ड क्यों नहीं लगाया गया?
सड़क पर सुरक्षा रेलिंग का निर्माण समय पर क्यों नहीं हुआ?
यह घटना निर्माणाधीन परियोजनाओं और मानसून के दौरान सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलती है।
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